Friday, December 12, 2014

सरकार उद्योग के साथ साझेदारी की इच्छुक - हंसराज गंगाराम अहीर

रसायन और उर्वरक राज्‍यमंत्री  हंसराज गंगाराम अहीर ने   कहा कि सरकार उद्योग के साथ काम करने की इच्‍छुक है और निर्माण गतिविधियों को बढ़ाने के लिए नीतियों में उचित संशोधन करना चाहती है। नई दिल्‍ली में आज भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित 12वें राष्‍ट्रीय फार्मास्‍यूटिकल सम्‍मेलन में  अ‍हीर ने कहा कि आवश्‍यकता इस बात की है कि उद्योग अनुसंधान पर अधिक ध्‍यान दें और देश के तकनीकी रूप से प्रशिक्षित मानव श्रम का पूरा इस्‍तेमाल करें। 

दो दिवसीय सम्‍मेलन के दौरान देश की फार्मा एसोसिएशनों-इंडियन फार्मास्‍यूटिकल एसोसिएशन, इंडियन ड्रग्‍स मेन्‍यूफैक्‍चरर्स एसोसिएशन, ऑर्गनाइजेशन ऑफ फार्मास्‍यूटिकल प्रोड्यूसर्स ऑफ इंडिया और बल्‍क ड्रग मेन्‍यूफैक्‍चरर्स एसोसिएशन को एक मंच पर देखने का अवसर मिला। फॉर्मा शिखर सम्‍मेलन के उद्घाटन समारोह में एसोसिएशनों के वरिष्‍ठ प्रतिनिधि मौजूद थे।
 

फार्मास्‍यूटिकल्‍स विभाग में सचिव डॉ. वी.के. सुब्‍बुराज ने कहा कि यह कार्य करने का समय है न कि एक अन्‍य सिफारिशें तैयार करने का समय। उन्‍होंने जोर देकर कहा कि सरकार और उद्योग को एक साथ बैठकर यह तय करना चाहिए कि इस क्षेत्र को कम विकास दर से बाहर निकालने के लिए क्‍या किये जाने की जरुरत है। उन्‍होंने देश को प्रतिष्‍ठा दिलाने और आर्इटी के बाद विदेशी मुद्रा अर्जित करने वाला दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र बनने के लिए फॉर्मा उद्योग को बधाई दी। उन्‍होंने कहा कि हालांकि देश में फॉर्मा क्षेत्र आगे बढ़ा है लेकिन चिकित्‍सा उपकरणों के मामले में स्थिति ऐसी नहीं है। देश अभी भी नैदानिक उपकरणों की अपनी अधिकतर जरुरतों को पूरा करने के लिए आयात पर निर्भर करता है। उन्‍होंने देश में उपकरणों के विकास की गति धीमी होने के कारण स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं की उच्‍च लागत का जिक्र किया और उद्योग से इन कमियों को दूर करने के लिए कार्य करने को कहा।
 

स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्रालय में अपर सचिव और केन्‍द्र सरकार स्‍वास्‍थ्‍य योजना के महा निदेशक  नवरीत सिंह कांग ने कहा कि अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्‍साहन देना जरुरी है।
 

सरकार ने ‘’भारत को एक खेल महाशक्ति बनाने पर’’ सुझाव मांगे

युवा मामले एवं खेल मंत्रालय के खेल विभाग ने माइगॉव वेबसाइट पर ‘भारत को एक खेल महाशक्ति बनाने’ विषय पर सुझाव और टिप्‍पणियां आमंत्रित की हैं। 

भारत खेल के क्षेत्र में निरंतर प्रगति करता रहा है, लेकिन इसमें और बहुत कुछ करने की क्षमता है। अगर खेल संस्‍कृति केक विकास, खेलों और शिक्षा का एकीकरण, प्रतिभा की प्रारंभिक पहचान और उच्‍च श्रेणी के प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं का अनुभव, खेल विज्ञान एवं खेल चिकित्‍सा समर्थन आदि के जरिए खिलाडि़यों को मजबूत समर्थन देने की दिशा में सही कदम उठाए जाएं तो भारत एक खेल महाशक्ति के रूप में उभर सकता है। 

लोगों से विचार आमंत्रित किए गए हैं कि किन विशिष्‍ट कदमों को उठाए जाने की जरूरत है। 

भारतीय रेलवे चला रहा है 197 प्रीमियम रेलें

भारतीय रेलवे द्वारा कुल 197 प्रीमियम रेलें चलाई गई हैं। प्रीमियम रेलों के शुरू किये जाने के बाद 21.11.2014 तक गतिमान किराया खाते में 49.71 करोड़ रुपये की कुल अतिरिक्त आय हुई हैं। अतिरिक्त आय के अलावा इन रेलों द्वारा जा रहे यात्रियों से प्राप्त प्रतिक्रिया भी काफी उत्साहजनक रही है। 

प्रगतिमान किराये पर शुरू की गई प्रीमियम रेल अवधारणा नियमित रेल सेवा से ऊपर और पहले 24.12.2013 से प्रभावी हुई है। प्रगतिमान बढ़ते मूल्य के आधार पर विशेष प्रीमियम रलों का किराया मांग और सुविधा की उपलब्धता पर निर्भर है। इन रेलों का आधार किराया सामान्य व्यस्क किराया है, जो रेल प्लस तत्काल अधिभार के लिए लागू होगा और एक दी गई अधिकतम सीमा में किराया मांग की सघनता के आधार पर बढ़ सकता है। प्रीमियम रेल का प्रगतिमान किराया सामान्य मागं सघनता की तुलना में वास्तविक मांग सघनता के अनुपात में बढ़ता है। 

रेलों में वाई-फाई सुविधा का प्रावधान

रेलवे ने नियमित कनेक्टिविटी के लिए सेटेलाइट संचार प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हुए हावड़ा-नई दिल्ली, हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस (थ्री-रैक्स) में एक पायलट परियोजना के रूप में अप्रैल-2013 से वाई-फाई सुविधा का प्रावधान किया है। राजधानी और दूरंतो श्रेणी की रेलों के 50 डिब्बों में वाई-फाई सुविधा के प्रावधान का काम निर्माण कार्यक्रम 2013-14 में शामिल है। 

प्रारंभ में, प्रथम चरण में, एक राजधानी एक्सप्रेस और शताब्दी एक्सप्रेस (कुल पांच रैक्स) के लिए वाई-फाई सुविधा की योजना थी। वर्तमान वित्तीय वर्ष के अंत तक एजेंसी को पांच रैक्स में काम को निपटाना होगा। 

राजधानी/शताब्दी और दूरंतो श्रेणी की रेलों में वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराने की अनुमानित लागत 98.6 करोड़ है। 

भारतीय रेल ने 13 और मशीनीकृत सफाईयंत्र लगाए

वर्ष 2013-14 में अब तक 13 और मशीनीकृत सफाईयंत्र यानी लांड्री लगाई गई हैं। प्‍लेटफार्म सहित रेलवे स्‍टेशनों की सफाई सुनिश्चित करने के लिए मशीनीकृत सफाई, कबाड़ उठाने और निपटान के ठेके दिए जाते हैं। अधिक से अधिक शौचालयों को भुगतान करो और इस्‍तेमाल करो स्‍कीम के अंतर्गत लाया जा रहा है। रेलगाडि़यों में ऑन बोर्ड हाउसिंग सेवाओं, स्‍वच्‍छ ट्रेन स्‍टेशनों और कोचिंग डिपो में मशीनीकृत कोच धुलाई जैसे हाउसकीपिंग कार्यों में कुशलता सुधार लाने के लिए जोनल रेलवे को सफाई कार्य की बारीकी से निगरानी, इस काम के कर्मचारियों के लिए बायोमैट्रिक उपस्थित प्रणाली और क्‍लीन ट्रेन स्‍टेशनों के कार्य की मूल्‍यांकन प्रणाली विकसित करने की सलाह दी गई है। 

भारत में विश्व बैंक के साथ गांरटी समझौते पर हस्ताक्षर किये

भारत ने विश्व बैंक से 1100 मिलियन अमरीकी डॉलर का कर्ज लेने के लिए एक गांरटी समझौते पर हस्ताक्षर किये है। इसका इस्तेमाल पूरब के माल ढोने के समर्पित गलियारे के निर्माण में किया जाएगा। इस समझौते पर कल नई दिल्ली में वित मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग में संयुक्त सचिव, श्री तरुण बजाज और विश्व बैंक की तरफ से उनके कंट्री डायरेक्टर, श्री ओनो रुहल ने हस्ताक्षऱ किये। 

इस समझौते का उद्देश्य भारत में रेल परिवहन क्षमता में सुधार करना है।इस ऋण का इस्तेमाल कानपुर और मुगलसराय के बीच 393 किलोमीटर लम्बा माल वह्न गलियारा बनाना है। यह परियोजना पूर्वी समर्पित माल वाह्न गलियारे के निर्माण में दूसरे चरण के अंतर्गत बनाई जा रही है। इसके लिए विश्व बैंक 975 मिलियन अमरीकी डॉलर का ऋण दे रहा है।बन जाने पर इस परियोजना से उत्तर और पूर्वी भारत के उद्योगों को लाभ होगा तथा रेल यात्रियों को भी सुविधा होगी।

राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस पर एनर्जी सेवर्स पोर्टल का शुभारंभ होगा

राष्‍ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस समारोह के सिलसिले में एनर्जी सेवर्स नामक एक नया पोर्टल शुरू किया जाएगा। राष्‍ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस का आयोजन घरों, कार्यालयों और उद्योगों तक ऊर्जा खपत की प्रवृत्ति को सीमित करने का सशक्‍त संदेश देने के किया जाता है। 

विद्युत, कोयला और नवीन तथा नवीकरणीय ऊर्जा विभाग के मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार)   पीयूष गोयल विगत वर्ष के संबंधित सर्वश्रेष्‍ठ ऊर्जा कार्य प्रदर्शन हासिल करने वाले उद्योगों, भवनों, उपकरण विनिर्माताओं को राष्‍ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्‍कार प्रदान करेंगे और देशभर में आयोजित किए गए ऊर्जा संरक्षण चित्रकला प्रतियोगिताओं के विजेता बच्‍चों को राष्‍ट्रीय स्‍तर के पुरस्‍कार भी प्रदान करेंगे। राष्‍ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस समारोह रविवार 14 दिसंबर 2014 को नई दिल्‍ली में आयोजित किया जाएगा। 

नए पोर्टल से स्‍कूली बच्‍चों को, अपने घरों, स्‍कूलों और पड़ोस में स्‍कूल स्‍तर की गतिविधियों के जरिए ऊर्जा संरक्षण कार्य शुरू करने के लिए प्रेरित किए जाने का प्रस्‍ताव है। वेब पोर्टल की प्रमुख विशेषताएं हैं; समाज के सभी वर्गों के स्‍कूली बच्‍चों में व्‍यापक जागरूकता विकसित करना और उन तक पहुंचना; वेब पोर्टल के लाइव होने के समय देश के हर एक राज्‍य के कम से कम एक स्‍कूल को पोर्टल से जोड़कर स्‍कूली बच्‍चों/अध्‍यापकों के साथ प्रत्‍यक्ष विचार विमर्श करना; यह पोर्टल स्‍कूल समुदाय के सदस्‍यों के बीच ऊर्जा कुशलता की संस्‍कृति का समर्थन और प्रसार करना तथा उन्‍हें अपने आप ऊर्जा संरक्षण गतिविधियां चलाने में मदद करना और अभिभावकों, अध्‍यापकों, मित्रों और पड़ोसियों समेत स्‍कूली बच्‍चों के साथ नजदीकी वातावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना; पोर्टल ऊर्जा क्‍लबों के विकास, स्‍कूलों में ऊर्जा अंकेक्षण और बचत पर आधारित प्रतियोगिताओं और निबंध प्रतियोगिता आदि के जरिए पोर्टल से स्‍कूली बच्‍चों के बीच विचार विमर्श में मदद देना; प्रतियोगिताओं और गतिविधियों में कामयाबी हासिल करने वाले बच्‍चों की उपलब्धि को मान्‍यता और उन्‍हें बीयूएसएस लेबल के उत्‍पाद पुरस्‍कार में देना तथा उन्‍हें ऐसे खिताब देना जो उनकी प्रगतिशील उपलब्धियों को मान्‍यता दिला सके; इस पोर्टल को बाद में क्षेत्रीय भाषाओं में भी विकसित जाएगा ताकि देशभर में इसकी अधिक से अधिक पहुंच बन सके; पोर्टल अंतत: देशभर में लगभग 50,000 स्‍कूलों के साथ जुड़ जाएगा और ऊर्जा संरक्षण और ऊर्जा कुशलता की आवश्‍यकता पर व्‍यापक जागरूकता विकसित करेगा; बेहतर कार्य प्रदर्शन करने वाले स्‍कूलों/अधिक उपलब्धि हासिल करने वाले बच्‍चों को बाद के वर्षों में राष्‍ट्रीय ऊर्जा सरंक्षण पुरस्‍कारों के लिए शामिल किया जा सकता है। 

इस वर्ष राष्‍ट्रीय ऊर्जा संरक्षण पुरस्‍कारों के लिए औद्योगिक और वाणिज्यिक इकाइयों की सहभागिता अत्‍यंत प्रोत्‍साहनात्‍मक रही है। यह बढ़ते भागीदारी स्‍तर (1999 में 123 से 2014 में 1010) से स्‍पष्‍ट होता है। वर्तमान वर्ष के पुरस्‍कार की स्‍कीम में तीन नए क्षेत्रों को लागू किया गया है। ये हैं विश्‍वविद्यालय और इंजीनियरिंग संस्‍थान भवन, विद्युत वितरण कंपनियां और राज्‍य सड़क परिवहन निगम और प्राधिकरण। इस वर्ष की पुरस्‍कार चयन समिति ने प्रथम पुरस्‍कार की 41 इकाइयां, दूसरे पुरस्‍कार के लिए 37 इकाइयां और मेरिट सर्टिफिकेट के लिए 44 इकाइयां चुनी हैं। 

ऊर्जा संरक्षण चित्रकला प्रतियोगिताओं के क्षेत्र में राष्‍ट्रीय स्‍तर के पुरस्‍कारों का चयन किया जाता है। इसके लिए स्‍कूली बच्‍चों में प्रतियोगिता में शामिल होने का बेहद उत्‍साह रहा। इस वर्ष 1.01 लाख स्‍कूलों से 60.17 लाख विद्यार्थियों ने देशभर में स्‍कूल स्‍तर की प्रतियोगिताओं में भाग लिया (2013 में 90,000 स्‍कूलों के 45.07 विद्यार्थियों के मुकाबले)। इनमें से 3700 विद्यार्थियों ने (प्रत्‍येक राज्‍य से 100) राज्‍य स्‍तर की प्रतियोगिताओं में भाग लिया और प्रत्‍येक राज्‍य से सर्वश्रेष्‍ठ तीन (चौथी से छठी कक्षा की श्रेणी में) राष्‍ट्रीय स्‍तर की प्रतियोगिता में शामिल होंगे। प्रत्‍येक पुरस्‍कार विजेता विद्यार्थी को एक प्रमाण पत्र और नगद पुरस्‍कार दिया जाता है। 

उत्तराखण्ड पुनर्निर्माण व पुनर्वास के लिए 4 हजार करोड़ की मांग

उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली को पत्र लिखकर वर्ष 2013 के बाद से पुनर्निर्माण व पुनर्वास की प्रक्रिया से गुजर रहे उत्तराखण्ड को 4 हजार करोड़   की अतिरिक्त सहायता देने का अनुरोध किया है। साथ ही भारत सरकार द्वारा पूर्व में ही प्रदान की गई   350 करोड़  के एसपीए व 100 करोड़   के अनटाईड फण्ड की धनराशि जल्द अवमुक्त किए जाने की मांग की है। उन्होंने प्रदेश को आपदाग्रस्त होने के कारण भारत सरकार से विभिन्न कालांतर के लिए कई तरह के करों में दी गई छूट को अग्रिम तीन वर्षों के लिए विस्तारित करनेआपदाग्रस्त जिलों में व्यवसायहोटलपर्यटनकृषि भूमि व फसलों की हानि से प्रभावित लोगों द्वारा लिए गए बैंक ऋणों पर ब्याज की माफी की दो वित्तीय वर्षों  के लिए स्वीकृति प्रदान करने व वर्ष 2016 में हरिद्वार में होने जा रहे अर्धकुम्भ की तैयारियों के लिए केंद्र से 1 हजार करोड़ रूपए की एकमुश्त धनराशि स्वीकृत किए जाने का भी अनुरोध किया है।
रावत ने अपने पत्र में कहा कि राज्य सरकार प्रयासरत है कि आपदाग्रस्त क्षेत्रों के लोगों के रोजगार के अवसर फिर स्थापित हो सकें। इसमें केंद्र सरकार के सहयोग की भी आवश्यकता होगी। इस वर्ष सफल चारधाम यात्रा से लोगों में नए विश्वास का संचार हुआ है,लेकिन आपदा प्रभावित लोगों के रोजगार पूरी तरह से स्थापित होने में 4 से 5 वर्ष लगेंगे।

ASSOCHAM seeks change in IT Act; for 30% tax on political parties’ anonymous donations

Political parties should be brought under the purview of income tax at the rate of 30% in respect of anonymous donations received by them and should also be subjected to penalty for not filing return well in time, ASSOCHAM said today in its Pre-Budget memorandum to the Finance Ministry.


In its pre-budget memorandum submitted to the Revenue Secretary, Mr. Shaktikanta Das the chamber has said, “Surprisingly there is no penalty prescribed for not filing the return of income by a political party in time. Thus there is a need to amend provision in the Income Tax Act to provide penalty in case a political party fails to file the return of income in time”. 


Further provision relevant to anonymous donation received by charitable trust or institution were amended by the Finance Act, 2006 to provide that in case of anonymous donation income tax at the rate of 30% shall be payable by the trust or the institution on such anonymous donation. As per the facts in public domain, more than 75% of the donation received by the political parties are falling in the category of voluntary contribution not in excess of Rs.20,000/- with the result that there is no trail of the name and address of the person who has made such contribution. The normal perception is that these contributions have come out of the money which has not been subjected to tax, highlighted ASSOCHAM. 


“Accordingly there is a need to introduce a provision similar to the provision of Section 115BBC that each political party shall be required to pay tax at the rate of 30% in respect of the anonymous donation received by it”, added ASSOCHAM.


At present under Section 13A of the Income Tax Act, income of a political party is exempt. Further under section 139(4B) every political party is required to file return of income in case the total income without giving effect to the provisions of Section 13A exceeds the maximum amount which is not chargeable to tax. Income of a political party under Section 13A is exempt subject to the condition that such political party keeps and maintains books of accounts and other documents as would enable the assessing officer to properly deduce it income. 


Further in respect of each voluntary contribution in excess of Rs.20,000/-, such political party keeps and maintains a record of such contribution and the name and address of the person who has made such contribution.


The Finance Act, 2006 has inserted a new provision i.e. Section 80AC to provide that no deduction under Section 80IA, Section 80IB shall be allowed in case the return has not been furnished in time. Similar provisions were introduced for denial of deduction under Section 10A and Section 10B by the Finance Act, 2005.This provision is too harsh as explained hereinabove. 


The ASSOCHAM said, “the law has to be fair and equitable to all. If exemption is being denied to a person for not furnishing the return in time there is no reason that similar provision is not introduced for political parties to deny exemption in respect of its income under Section 13A, in case it does not furnish the return of income in time”.

NDMC School Science Fair: 2014-2015

Science has played a crucial role in the development of human society from the cave man to the highly technologically advanced societies of today. The world has shrunk in size. Science has in fact developed a concept of Universal Brotherhood and the barriers created due to race, color, cast, are fading fast.

The lasts decade has seen many changes in the science curriculum of our country. Emphasis has been shifted from contents to the ‘process of science’. While working for science models/projects, the students not only indulge in creativity but also develop various scientific skills in the process.  Science inculcates scientific attitude. Science exhibitions give them an opportunity to exchange their novel ideas and techniques with other students and teachers and thus help to nurture future scientists.

Keeping in view this vital role of science the Education Department of NDMC organizes annually a Science & Work Experience exhibition for all the schools under its control from Nursery to Sr. Secondary level including Navyug & Aided schools.

The Science Fair is divided into four streams. i.e.

1          Science            2          Work Experience      3          Nursery Exhibition
4          Mathematical Modeling                                                                             

The main theme of this year’s science Fair is  
                                                                                                                                 
   WOMEN SCIENTISTS IN THE WORLD

               The theme aims at highlighting the role of women scientist in the world and the challenges faced by women scientist in different spheres of life.    
           
The sub-themes for Middle/Secondary/Senior Secondary Schools exhibition are           as under.

         Community Health and Environment
         Landmarks in Science and Mathematics
         Information and Communication Technology
         Energy – Resources and Conservation
         Transport
         Waste Management

Work Experience exhibits are based on various trades being taught in NDMC Middle/Sec./Senior Sec. Schools like Electronics, Electrical gadgets, Wood Craft, Cutting & Tailoring, Needle Work, Textile Designing.

The sub themes for Primary Schools exhibits are Effects of excess Urbanization, Healthy Food and related topics, Problem of Transport in Delhi & their solutions, Conservation of Natural Resources, Innovation in Science & Man Made Disaster.                                   


Under Nursery Exhibition, various Teaching Aids/Techniques are displayed by them in the area of Number Concept, Environmental Awareness & Language development.

Mahindra First Choice Wheels inaugurates 400th authorized dealership in Delhi

Mahindra First Choice Wheels Ltd. (MFCWL), India’s No. 1 multi-brand certified used car company, has just reached a new milestone with the inauguration of its 400th outlet in Dwarka in Delhi NCR. This is the company’s 34th dealership in Delhi NCR and the 137th in North India.
The new outlet, M/s Car Choice II, is spread across 10,000 sq. ft and is located at Plot no. 3 & 4, Sector-7, Near Gokul Garden, Dwarka and was inaugurated by Rajeev Dubey, President (Group HR, Corporate Services & After-Market) & Member of the Group Executive Board, Mahindra & Mahindra Ltd. Dr. Nagendra Palle, CEO, Mahindra First Choice Wheels was also present.
“Today is a very significant day for the entire MFCWL family as we achieve yet another milestone in our journey. Over the past seven years we have not only emerged as India’s leading used car company but have also contributed to the creation of a used car ecosystem by bridging wholesale and retail channels while leveraging physical and online infrastructure. But perhaps our greatest achievement has been the credibility that we have brought to an industry that was largely unorganised.,” said Mr. Dubey.


“Rising consumer confidence is driving demand for used cars in the country. This state-of-the-art dealership at NCR will help us tap into this growth trend. NCR is the biggest market and a strategically important one for the company. Aside from the metros, we have also been getting an excellent response from B and C category towns which is enabling us to expand faster. We are planning to close the year with 500 outlets and 1.5 lakh vehicle sales, both online and offline,” said Dr. Palle.
Mahindra First Choice Wheels already has a significant presence in the North and we are delighted to extend our association with Sanjay Duggal, MD of M/s. Car Choice II. His expertise and knowledge of the local market will help us make further inroads in NCR.

At Mahindra First Choice Wheels Limited, we are witnessing a transformational change in the way we operate, use of technology is bringing transparency and speed to the transactions. With a vision to create a used car ecosystem, we are enhancing and leveraging our physical and online presence. A strong retail franchise network of 400 plus outlets across 225 cities, forms the backbone of our operations and we are best positioned to deliver a Brick and Click experience to customers. We are creating value for all our stakeholders across the value chain through innovative and industry-first products for all our customers. Our strong franchisee network will play critical role in delivering products to the customers ” said Yatin Chadha, Senior Vice President, Mahindra First choice wheels.     

Car Choice II is our second outlet in Dwarka after the Sector-23 outlet and we are delighted to extend our relationship with Mahindra First Choice Wheels which is already a well established brand in the country. Our dealership will offer the entire range of services for customers, including purchase and sale of multi-brand certified used cars, car finance, insurance, fitment of car accessories and assistance with paperwork and documentation to all those wishing to purchase or sell a used car,” said Sanjay Duggal, MD of Car Choice II.

Within a short period of the launch, MFCWL has also developed a variety of industry first products which use technology to ease used vehicle operations. We have recently launched seven innovative products which  are smart, simple, standalone tools that solve many challenges for every kind of stakeholder including Consumers, Dealers, Financiers, Leasing companies and Manufacturers.

The company’s footprint in NCR currently encompasses 34 dealerships and it further plans to expand this number to 40 outlets by year end. Key focus areas include Mayur Vihar, Gurgaon, RK Puram, Punjabi Bagh, Indirapuram, Shahadra, Okhla, Mathura Road, Janak Puri and Gaziabad in NCR.
From its humble beginnings in 2007 when its first franchisee outlet was established, MFCWL has achieved a dominant status in retailing of multi-brand used cars in the country. The company is driven by its mission to transform the way used cars are retailed and has made several innovations along the way.

The list of innovations include developing a unique franchisee based business model, selling certified multi-brand used cars under warranty and offering the most comprehensive warranty product available on used cars in the country, in addition to a differentiated consumer experience through launch of its ‘Highline’ stores for selling high-end multi-brand used cars.

प्रापर्टी के लिए अपने रिश्तेदारों को उतारा मौत के घाट,कमला नगर की लूट ने खोला रहस्य

नई दिल्ली,आकाश द्विवेदी।कमला नगर  में 28 नवंबर को डेढ़ करोड़ की लूट न हुई होती तो दोहरे कत्ल के राज से कभी भी पर्दा नहीं उठ पाता ,और न हीं आरोपी पुलिस के हथ्थे चढ़ते ।घटना 2012 की है जब बहन भाई को रहस्यमयी हालत में लापता मान लिया गया था।मगर कमला नगर में हुई डेढ़ करोड़ की लूट के गुनाहगारो को तलाशने और जमानत पर छूटे कुख्यात लुटेरों की लोकेशन से क्राईम ब्रांच को डबल मर्डर मिस्ट्री की पूरी स्क्रिप्ट हाथ लग गयी।
            मॉं –बाप की  मौत के बाद अनाथ हुये भाई बहन को मारने का आरोप किसी और पर नहीं,बल्कि सगे चाचा पर है,और सकी मद्द दिल्ली कैंट लूट केस के आरोपी भतीजे ने की थी।।दोनों क्राईम ब्रांच की गिरफ्त में है।इनके पास से पुलिस को पिस्टल मिली है। 
पुलिस सूत्रो के अनुसार कमला नगर में गार्ड की हत्या करके हुई डेढ़ करोड़ की लूट  को सुलझाने के लिए पुराने अपराधियों का रिकार्ड खगालते हुये पुलिस तीहाड़ जेल तक जा पहुंची  ,जहां पता चला कितने अपराधी जमानत चल रहे है। उन्हीं में प्रदीप वर्मा का नाम पता चला जो 2012 में हुई दिल्ली दिल्ली  कैंट का   आरोपी है और जमानत पर बाहर आया है।पुलिस के अधिकारी उसकी खोज में जुट गये। पुलिस उसे तलाशते हुये पप्न कलां,द्वारका के उस फ्लैट तक जा पहुंचे जहां प्रदीप इन दिनों रह रहा था। जबकि प्रदीप दिल्ली कैंट का रहने वाला है।
                              जब पुलिस ने पूरे मामले की पड़ताल की तो पता चला कि  इस मकान में पिढले साल दो भाई बहन 21 साल का राहुल और 23 साल की गुंजन रहती थी, लेकिन अब उनका की पता नहीं है।पुलिस को यह भी पता चला कि इन भाई बहन की मां का निधन 2007 में और पिता का 2012 में देंहात हो चुका है।जिसके बाद ये भाई बहन अनाथ हो गये।पिता के देंहात के बाद इनका चाचा सुरेश कुमार वर्मा अभिभावक बन कर उनके साथ रहने लगा। सुरेश कुमार वर्मा बतौर ड्राइवर क ट्रेवल एजेसीं में काम करता था।
मामले की पड़ताल करते हुये पुलिस दोनो भाई –बहनो का पता भी कर रही थी।पुलिस टीम ने जब सुरेश से सख्ती से पुछताछ की तो उसने पुलिस को बताया की जिस बस में वह डाइवर था उसे वह अमर कालेनी के गढ़ी लाजपत नगर के क्षेत्र में पार्क किया करता था।पिछले साल अक्टूबर में वह अपने भतीजे राहुल को रात में बुलाया और बस में गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और लाश को सीवर में डाल दिया।जो कि बहते हुये सरिता बिहार के ड्रोनेज में कुछ हफ्तों के बाद सड़-गल चुंकी स्थिती में मिला।उसकी पहंचान कर पाना मुश्किल था।इसके एक महिने बाद चाचा ने इसी तरह गुंजन की भी हत्या कर दी और सीवर में डाल दिया।क्राईम ने इस पूरे मामले को हल किया।
पुलिस पुछताछ में पता चला कि अपराधी सुरेश  वर्मा ने द्वारका स्थित फ्लैट पर कब्जा करने की नियत से अपने भतीजे राहुल और भतीजी  गुंजन की हत्या की।इस मकान की किमत तीस लाख के आस –पास है।इस अपराध में उसका साथ प्रदीप ने दिया था ।पुलिस ने दोनो को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया है।


2017 तक इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के 125 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान

नई दिल्ली, आकाश द्विवेदी। कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं अप्लाइंसेज  निर्माता एसोसिएशन (सीईएएमए) ने अपने 35वें सालाना समारोह को संपन्न किया। इस अवसर पर   मुख्य अतिथि  जना व रक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  राव इंद्रजीत सिंह, विषिश्ट अतिथि माननीय सांसद  आर. एन. धूत, संचार और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव, आईएएस,  आर. एस. शर्मा के साथ ही सीईएमएमए के अध्यक्ष अनिरुद्ध धूत, सीईएएमए के निर्वाचित अध्यक्ष  मनीश शर्मा सहित उद्योग से जुड़े अन्य दिग्गज षख्सियत मौजूद थे।

सालाना समारोह में माननीय योजना एवं रक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  राव इंद्रजीत सिंह ने एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के प्रबंध निदेषक  सून वाॅन (ैववद ज्ञूवद) को मैन आफ इलेक्ट्रॉनिक्स पुरस्कारसे सम्मानित किया। यह पुरस्कार भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं अप्लाइंसेज उद्योग में वर्शों तक उनके योगदान को देखते हुए दिया गया है। भारत में घरेलू कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग का तेजी से विकास हो रहा है और यह जल्द ही दुनिया का पांचवां सबसे कंज्यूमर ड्यूरेबल्स बाजार बनने की ओर अग्रसर है। दिग्गज हस्तियों की मौजूदगी वाले इस सत्र में उद्योग के अुगआ और सीईएमएमए के सदस्यों ने प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया और इस उद्योग की राह में आने वाली चुनौतियों को सहयोगात्मक दृश्टिकोण से समाधान पर चर्चा की, साथ ही वैष्विक उद्योग के लिए मजबूती से साथ मिलकर काम करने पर भी विचार किया गया।
सीईएएमए विनिर्माताओं को एक मंच पर लाकर सीई और एचए के क्षेत्र में आगे की राह तय करने के लिए विचार-विमर्ष का मौका उपलब्ध कराता है और प्रभावी तरीके से विनिर्माण के विकास को बढ़ावा देने में लगा है। विनिर्माण क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए सीईएएमए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृश्टिकोण मेक इन इंडियाका समर्थन करते हुए वैष्विक बाजार में पैठ मजबूत करने और भारत में विनिर्माण और निवेश को बढ़ावा देने के लक्ष्य के तहत काम कर रहा है। उद्योगों को स्वेदसी विनिर्माण का रास्ता साफ करने के लिए कंपोनेंट्स और कच्चे माल के लिए घरेलू संसाधनों और स्रोतों की संभावनाओं की तलाष करने के लिए साथ मिलकर काम करने की जरूरत है।

   राव इंद्रजीत सिंह ने कहा, ‘‘भारत में वैष्विक बाजारों की जरूरतों के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स हार्डवेयर के विकास और विनिर्माण की अपार संभावनाएं हैं, साथ ही वैश्विक बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने और देष में भविश्य की जरूरतों को पूरा करने में भी सक्षम है। इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र के विकास से देष के रक्षा क्षेत्र को भी मजबूती प्रदान की जा सकती है। 

भारत की व्यापार नीति की समीक्षा के लिए डब्ल्यू टी.ओ. की टीम ने किया भारत का दौरा

नई दिल्ली, आकाश द्विवेदी, संसद सत्रा के दौरान अलवर के सांसद  चांदनाथ ने लोकसभा में विश्व व्यापार संगठन दल के भारत दौरे का विषय उठाया।  चांदनाथ के सवाल का जवाब देते हुए केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्रा प्रभार)  निर्मला सीताराम ने बताया कि भारतीय नीतियों का आकलन करने मुख्यतः जेनेवा में जून 2015 में आयोजित होने के लिए निर्धारित भारत की छठी व्यापार नीति समीक्षा करने के लिए डब्ल्यू टी ओ सचिवालय की एक टीम ने हाल ही में देश का दौरा किया था।
  सीताराम ने बताया कि डब्ल्यू टी ओ की व्यापार नीति समीक्षा तंत्रा (टीपीआरएम) के अनुसार भारत की व्यापार नीति की डब्ल्यू टी ओ में प्रत्येक चार वर्षो में एक बार समीक्षा करता है। भारत की पिछली व्यापार नीति समीक्षा वर्ष 2011 में आयोजित की गयी थी तथा अगली समीक्षा जून 2015 में होने के लिए निर्धारित है। समीक्षा प्रक्रिया के एक भाग के रूप में डब्ल्यू टी ओ सचिवालय किसी देश की पिछली समीक्षा के बाद व्यापार के बाद व्यापार के संबंध में हुए विकास पर एक विस्तृत सचिवालय रिपोर्ट तैयार करता है।
अठारह अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डो एवं नौ बंदरगाहों पर यात्रियों की इबोला जांच की व्यवस्था

    सांसद  चांदनाथ द्वारा उठाये गये इबोला वाइरस की बीमारी के विषय पर जवाब देते हुए केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री येसो नाईक ने बताया कि भारत में आने वाले इबोला के मामलों का पता लगाने के लिए 18 अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों और 9 प्रमुख बंदरगाहों पर यात्रियों के जांच की जा रही है। स्वास्थ्य इकाइयां हवाई अड्डों पर कार्य कर रही है और वहां पर प्रशिक्षित चिकित्सा और पैरामेडिकल स्टाफ तैनात किए गए हैं। अभी प्रभावित देशों से भारत में आने वाले उड़ानों का मार्ग सात अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बैंगलूर, हैदराबाद और कोच्चि) पर करने का निर्णय लिया गया है। संबंधित हवाई अड्डों पर थर्मल स्कैनर स्थापित किए गए है।

जयपुर-सवाईमाधोपुर रेलवे लाईन का विषय संसदीय कार्यसूची में सम्मिलित करने की मांग

 नई दिल्ली, आकाश द्विवेदी।राजस्थान के जयपुर लोकसभा क्षेत्रा से सांसद   रामचरण बोहरा ने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया है कि ’’जयपुर-सवाईमाधोपुर रेलवे लाईन के विद्युतीकरण‘‘जयपुर रेलवे स्टेशन पर सुविधाओंके अभाव संबंधित विषय को संसद की आगामी सप्ताह की संसदीय कार्यसूची में सम्मिलित किया जावें।

      बोहरा ने बताया कि राजस्थान की राजधानी जयपुर रेलवे स्टेशन पर वर्तमान में प्लेटफार्म की संख्या काफी कम है और जयपुर को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने के लिए रेलवे लाईनों का महत्वपूर्ण योगदान है इसलिए जयपुर स्टेशन पर प्लेटफार्म की संख्या में इजाफा किया जाना आवश्यक है। 

राजस्थान में बीएसएनएल के 221 टॉवरों को फिर सक्रिय करने के प्रयास किए जायेंगे

नई दिल्ली,आकाश द्विवेदी, संसद सत्रा के दौरान राज्यसभा के सांसद   नारायण लाल पंचारिया द्वारा बीएसएनएल की सेवाओं से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए केन्द्रीय संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्राी श्री रवि शंकर प्रसाद ने बताया कि पिछले दस सालों में राजस्थान में बीएसएनएल द्वारा कुल 3,885 टॉवर अधिष्ठापित किए गये, इनमें से वर्तमान में 221 टॉवर कार्य नहीं कर रहे हैं, उक्त टॉवरों में से 94 टॉवरों को सार्वभौमिक सेवा दायित्व निधि (यूएसओएफ) योजना के अन्तर्गत अधिष्ठापित थे।
    केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि इन टॉवरों की सक्रियता के अभाव का प्रमुख कारण बेस ट्रांसीवर स्टेशनों (बीटीएस) उपकरण की अनुपलब्धता है क्योंकि बीएसएनएल मोबाईल नेटवर्क विस्तार परियोजनाओं के चरण-5 और 6 के दौरान 2009-13 की अवधि में अपने नेटवर्क के विस्तार के लिए मोबाईल उपकरण प्राप्त करने में असमर्थ रहा था। बीएसएनएल ने विस्तार योजना के अपने चरण-7 के अंतर्गत राजस्थान में 1754 नए टॉवरों की अधिष्ठापना की योजना बनाई है। जिनमें से 803 टॉवर चालू हो गए है।

      प्रसाद ने बताया कि बीएसएनएल ने राजस्थान सहित देश भर में अकार्यरत टॉवरों सहित सभी टॉवरों के सुचारू उपयोग के लिए बीएसएनएल विस्तार योजना-टप्प् के तहत् उनका आधुनिकीकरण किया जायेगा। साथ ही अन्य प्रचालकों को बाहरी ठेके पर (टिनेंनसीस) बीएसएनएल टॉवरों की साझेदारी की अनुमति भी दी जाएगी जिससे बेहतर वित्तीय प्रबंधन और उन्नत प्रचालन सुनिश्चित हो सकेगा।

दिल्ली भाजपा ने शहरी विकास मंत्री से दिसम्बर तक के सभी निर्माणों को संरक्षित करने की मांग रखी

नई दिल्ली,  ।  दिल्ली भाजपा अध्यक्ष   सतीश उपाध्याय ने प्रधानमंत्री   नरेन्द्र मोदी मंत्रिमंडल द्वारा दिल्ली कानून (स्पेशल प्रॉवीजन) एक्ट 2011 जिसकी अवधि 31 दिसम्बर 2014 को समाप्त हो रही थी को 2017 तक बढ़ाये जाने का स्वागत किया है।  इस एक्ट के अंतर्गत दिल्ली में फरवरी 2007 तक बनी सम्पत्तियों जिन पर सीलिंग अथवा तोड़फोड़ की तलवार लटकती थी को राहत दी गई है।

  उपाध्याय ने इस संदर्भ में केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री श्री एम. वेंकैया नायडू को लिखे पत्र में उन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा इस राहत के लिए दिल्ली के लोगों की ओर से आभार प्रकट करते हुये उनका ध्यान दिल्ली में फरवरी 2007 से अब तक बने लाखों मकानों अथवा व्यवसायिक केन्द्रों पर भी लटकती तलवार की ओर आकृष्ट कर दिल्ली में दिसम्बर 2014 तक बनी और बसीं सभी कालोनियों और पुरानी दिल्ली की सम्पत्तियों को भी दिल्ली कानून (स्पेशल प्राॅवीजन) एक्ट 2011 की परिधि में लाने की मांग की है।

प्रदेश अध्यक्ष  उपाध्याय ने कहा है कि दिल्ली में 2010-11 में चले सीलिंग विरोधी आंदोलन को शांत करने के लिए तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने 2011 में यह एक्ट तो ला दिया था पर न तो दिल्ली की अनधिकृत कालोनियों में या पुरानी दिल्ली सहित दिल्ली की किसी अन्य कालोनी में लोगों को भवन निर्माण के लिए कोई नये कानून नहीं दिये।  इसके चलते लोग फिर तथाकथित अवैध निर्माण के माध्यम से अपने मकान, दुकान बनाने को मजबूर रहे। आज की स्थिति यह है कि कहीं शिकायतों के चलते, कहीं रिश्वत न दे पाने की मजबूरी के कारण तो कहीं कोर्ट के हस्ताक्षेप के कारण लाखों परिवारों के मकान दिल्ली नगर निगमों द्वारा अवैध निर्माण के लिए चिन्हित कर लिये गये हैं।  इस सबके चलते दिल्ली के नागरिकों में भारी रोष बना रहता है। 
यह आवश्यक है कि सरकार दिसम्बर 2014 तक दिल्ली में बने सभी निर्माणों को संरक्षित करें और अविलम्ब दिल्ली में भवन निर्माण कानून लाये जायें और सभी अनधिकृत कालोनियों को नियमित किया जाये।



FICCI comments on IIP Data for October 2014

New Delhi, 12 December 2014: “The fall in manufacturing growth in October is disturbing, more so because it is broad based and not limited to a few sectors. It is in line with the findings of FICCI Manufacturing Survey which expected slowdown in the third quarter”, said Mr Sidharth Birla, President, FICCI.
 “It not only reflects slowdown in investments but also the deep rooted slackness in consumer demand which requires bringing down the interest rates urgently. It would also need faster implementation of Government’s intentions to introduce reforms in which States have major role to play”, Mr Birla added.
FICCI has expressed concern over the fact that despite being a festive month, growth of consumer goods especially durables has been negative in October.
Earlier, FICCI Quarterly Manufacturing Survey noted that the outlook for Q-3 of 2014-15 is less optimistic than in Q-2 2014-15 for the manufacturing sector as proportion of respondents expecting higher production vis-à-vis last year has fallen to 52% in Q-3 from 62% in Q-2.

स्मृति ईरानी करेंगी पुस्तक उत्सव मेले का उद्घाटन



नयी दिल्ली,आकाश द्विवेदी।उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने राष्ट्रीय पुस्तक ट्रस्ट के सहयोग से 6 दिवसीय पुस्तक उत्सव का आयोजन महिला हाटआसफ़ अली रोड पर आयोजित किया हैजिसका उद्घाटन   13 दिसम्बर  को केंद्रीय   मंत्री,  स्मृति ईरानी द्वारा किया जाएगा।
सदन की नेता  मीरा अग्रवाल ने बताया 6 दिन के पुस्तक मेले में सभी आयुवर्ग के लोगों के लिए विभिन्न पाठ्य पुस्तकें होंगी। इसमें बच्चोंनौजवानों व सामान्य पाठकों के लिए पुस्तकों पर छूट उपलब्ध होगी। पुस्तक मेले में विभिन्न कार्यक्रम जैसे परामर्श सत्रपुस्तक परिचर्चाएंपैनल परिचर्चाएं तथा कहानियों की चरित्रों के माध्यम से प्रस्तुति इत्यादि रखे गए हैं।

  मीरा अग्रवाल ने यह भी बताया कर्नाटक कठपुतली सांस्कृतिक केंद्र’ द्वारा पुस्तक मेले की विशेषताओं पर आधारित कुछ मनोरंजक कार्यक्रम जैसे छायांकित कठपुतली प्रदर्शन किया जाएगा। उर्दू व हिन्दू हास्यप्रद लेखकों व बहादुरी पुरस्कार से सम्मानित बच्चों के बीच वाद-विवाद का सिलसिला रखा जाएगा।
  इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा अध्यक्ष (दिल्ली प्रदेश)  सतीश उपाध्याय होंगे। विशेष अतिथि के रूप में संसद के सदस्य   मनोज तिवारी,उत्तरी दिल्ली के महापौर योगेंद्र चांदोलिया,सदन की नेता  मीरा अग्रवाल, स्थायी समिति के अध्यक्ष,  मोहन भारद्वाज तथा विपक्ष के नेता मुकेश गोयल भी उपस्थित होंगे।

विकलांगो को ई-टिकट खरीदने की सुविधा प्रदान करेगा रेलवे



       नई दिल्ली,आकाश द्विवेदी। भारतीय रेलवे ने शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्तियों   को ई-टिकट सुविधा देने के लिए कई उपाय किए हैं ।
        इस तरह के विकार वाले लोग अपने मूल विकलांगता चिकित्सा प्रमाण-पत्र के साथ हाल ही में खिचवाए गए पासपोट आकार की फोटो की दो प्रतियाँफोटा पहचान-पत्र और जन्म तिथि के साक्ष्य के साथ निकटस्थ मंडल रेल प्रबन्धककार्यालय की वाणिज्य शाखा में ई-टिकट की सुविधा प्राप्त करने के लिए आवेदन करें । इनके दस्तावेजों की विधिवत जाँच के बाद ऐसे लोगों को  फोटो पहचान-पत्र जारी किया जायेगा जिसके माध्यम से वे ई-टिकट खरीद सकेंगे ।
  यह पहचान-पत्र अहस्तांतरणीय होगा तथा केवल कार्ड धारक ही इस कार्ड से यात्रा कर सकेगा । विभिन्न प्रकार की रेलगाड़ियों व यात्रा की श्रेणियों में विकलांगता के प्रकार के आधार पर मिलने वाली रियायत प्रदान किए जायेंगे । विकलांगता के प्रकार के आधार पर केवल एक सहयोगी को ही रियायत के साथ यात्रा करने की अनुमति होगी । इस कार्ड से आरक्षण काउंटरों व आईआरसीटीसी की वैब साइट से टिकट खरीदी जा सकेगी । बुकिंग हेतु रियायत प्राप्त करने के लिए बुकिंग के समय कार्ड के नम्बर का उल्लेख करना होगा । कार्ड धारक और उसके साथ यात्रा करने वाले सहयोगी को अपना-अपना मूल फोटो पहचान-पत्र यात्रा के दौरान साथ रखना होगा ताकि अधिकृत रेल कर्मचारी यात्रा के दौरान उसकी जाँच कर सके । काउंटर पर रियायती टिकट की बुकिंग के दौरान कार्ड धारक को अपना मूल पहचान-पत्र व उसकी एक छाया प्रति प्रस्तुत करनी होगी।