Sunday, January 31, 2016

श्री राम के जीवन आदर्श को अपने जीवन में उतारे तभी जीवन की सार्थकता है- मुरारी बापू

 

नई दिल्ली,31 जनवरी,आकाश द्विवेदी।देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के राजघाट पर महात्मा गॉधी (बापू) की समाधि के पास संत मुरारी बापू महात्मा गॉधी के जीवन को श्री रामचरित्र मानस से जोड़कर कथा कह रहे है।इस कथा में देश- विदेश से हजारो की संख्या में भक्तों का तांता लगा हुआ है।कथा के दौरान बापू ने भक्तो समाज के विभिन्न पहलुओं  से अवगत कराया।नौ दिनो तक चलने वाली यह कथा सर्वधर्म की प्रार्थना है।यह कथा यह कथा 30 जनवरी से शुरु होकर 7 फरवरी तक चलेगी।कथा के दौरान मंच से देश व विदेश के कई विद्यवान हस्तियों ने भी अपने विचार रखे।

                               दूसरे दिन की कथा में मोरारी बापू ने बताया कि श्रीराम का जीवन चरित्र मात्र ग्रंथों की चौपाइयों का मधुर गायन नहीं है। राम चरित्र मानस का प्रत्येक प्रसंग आलौकिक रहस्यों को प्रगट करता है। भगवान राम का चरित्र वेदों की प्रायोगिक व्याख्या है। इसलिए जो रामजी ने कह दिया वही वेद है।मानस भी वेदों की भांति पुण्य प्राप्त कराता है। जो वेदो में लिखा है वहीं रामचरित मानस में है। जिस घर में रामायण और गीता का पाठ होता है उस घर में हमेशा मंगल निवास करता है। परिवार में खुशहाली बनी रहती है। दुख,तकलीफों से मुक्ति मिलती है। प्रभु तक पहुंचने का यह सबसे सरल मार्ग है।

                                  उन्होंने सनातन धर्म को शाश्वत धर्म बताते हुए कहा कि जिस प्रकार वेदों में बहु देव वाद है उसी प्रकार रामचरित मानस में भी सभी देवताओं का सम्मान किया है।बापू ने हनुमान चरित्र का वर्णन करते हुए कहा कि रामचरित मानस जीवन जीने की कला सिखाता है। राम और सीता के चरित्र से लोगों को सीख लेनी चाहिए। राम एक आदर्श पुत्र के साथ साथ एक आदर्श राजा भी थे।लाभ से लोभ और लोभ से पाप बढ़ता है। भगवान श्रीराम के जीवन आदर्श को अपने जीवन में उतारे तभी जीवन की सार्थकता है।राजा की महत्ता के बारे में बापू ने बताया किराजा को प्रजा के लिए शीलवान होना चाहिए।कमजोरियों के साथ जो मानव को कबूल करें वहीं सच्चा राजा होता है।

                     बापू ने महात्मा गॉधी के बारे में कहा कि उनकी समझ में गॉधी की चेतना आज भी जागृत अवस्था में है। दुनिया में अब गांधी तो नहीं रहे, लेकिन उनके विचार भारत ही नहीं पूरी दुनिया में लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। आज भी बापू के काम को याद किया जाता है।आज कर्म का क्रोध,आतंकवाद का दैत्य पूरी सत्यता को लीलने को तैयार है। वे अच्छी तरह समझते हैं कि जिंदगी ज्यादा-से-ज्यादा दूसरे दर्जे की जिंदगी होती है और हमें बराबर आदर्श तथा संभाव्य के बीच समझौता करते हुए चलना पड़ता है । गांधी जी ने सत्य तथा अहिंसा का जो संदेश दिया आज उसकी प्रासंगिकता काफी बढ़ गई है। आज हमें बापू के विचारो पर चलने की जरुरत है।

इस दौरान मोरारी बापू ने आस्ट्रेलिया से आये एनडयू फारेस्ट्र द्वारा लाई गई पुस्तक पर हस्ताक्षर भी किया।इसके साथ ही एक अन्य सेवक द्वारा बांगलादेश आने का निमन्त्रण भी स्वीकार्य किया।इस अवसर पर ,राजघाट के सचिव रजनिश,शहरी विकास मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्र,गोविंद कृष्ण पाठक मौजूद,एन,डयू फारेस्ट्र,के.आर. शर्मा,गोपाल गुप्ता सहित देश व विदेश के हजारो भक्त उपस्थित थे।

नारी शक्ति को समाज में बराबरी का अधिकार

बापू ने नारी शक्ति को आगे आने का आह्वान किया समाज में महिला भागीदारी की बात कही।बापू ने कहा हमारे समाज में जितना हक पुरुषो का है उतना ही स्त्रियों का है ।नारी की महत्ता अभिन्न है।एक ही ब्रह्म ने स्त्री व पुरुष का रुप धारण किया है।हमें हमेशा स्त्रियों का सम्मान करना चाहिए।नारी द्वारा एक अच्छे समाज का निर्माण होता है।

कभी किसी को नीचा मत दिखाओं

अपनी राम कथा में मुरारी बापू ने मनुष्य के स्वभाव का वर्णन करते हुए कहा कि जो लोग किसी को नीचा दिखा के आगे आना चाहते है। वह जीवन में कभी भी सफल नहीं होते है।कुछ देर के लिए आप अपने को लेकर भ्रम में हो जाते है,लेकिन सत्य से अवगत होने पर आपके पास केवल निराशा ही रहती है।इसी लिये कभी भी किसी का अपमान नहीं करना चाहिये।समय हमेशा एक बराबर नहीं रहता।आप जिसका निरादर करते है ईश्वर उसे आगे ले जाता है।

राजघाट राजधर्म सिखाने की पाठशाला

संत मोरारी बापू ने कहा कि राजघाट राजधर्म सिखाने की पाठशाला है। यहां से सत्य का महामार्ग प्राप्त हो सकता है। कोई यहां से राजधर्म सीख ले तो रामराज आ जाए।महात्मा गॉधी के बारे में बताते हुए मोरारी बापू ने कहा कि महात्मा गॉधी का जीवन लोगो को समर्पित था।वे हमेशा सत्य के साथ रहते थे।राजघाट वह पवित्र स्थान है जहां सभी धर्मो के लोग आ सकते है।राजघाट के चारो कोने हमें एकता,अमन,प्रेरणा और शांति प्रदान करते

आंतरिक शुध्दता पर भी ध्यान देना जरुरी

बापू ने समाज व इसमे रह रहे नागरिको के बारे में यह कहा कि आज लोगो का मन दूषित हो रहा है।हमारी आंतरिक शुध्दता खत्म हो रही है।हम स्वार्थी होते जा रहे है केवल अपना हित देख रहे है जिससे हमारा अहित हो रहा है।मन की स्वतंत्रता जरुरी है,लेकिन मर्यादा के साथ।आज हम भैतिक्ता में इतने खो गये है कि अपने आप को संबाल नहीं पा रहे है।

कमजोरो के साथ ईश्वर होते   

जो लोग समाज में कमजोर है या जिनका तिरस्कार हुआ है उनके साथ हमेशा ईश्वर रहते है।हमारे समाज में ऐसे हजारे उदाहरण है जिनमें देखा गया है कि शाररिक रुप से कमजोर,समाज से निरादर पाये हुये लोग अन्त में दुनिया को फतह किया है।सत्य को उजागर करना कभी-कभी खुद के खिलाफ हो जाता है,लेकिन सत्य का मार्ग हमें सफलता की ओर ले जाता है।

जीवन में सच्चे गुरु की महिमा अपार

हमारे जीवन को दिशा देने में गुरु की महिमा का बहुत योगदान होता है।जिस पे गुरु की कृपा होती है,उसपे सदा ईश्वर भी अपनी कृपा बनाये रखता है।एक प्रसन्न गुरु ही अपने शिष्य को प्रसन्न रखता है।गुरु कबी किसी का विरोध नहीं करता वह स्वच्छ मन से अपने शिष्यों को सच्चा ज्ञान देता है।हमें हमेशा अपने गुरु का सम्मान करना चाहिए।

 

 

 

देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के राजघाट पर शुरु हुई मोरारी बापू की राम कथा,देश विदेश से आये भक्त

जीवन का सार समझने के लिए राम चरित मानस जैसा कोई दर्पण नहीं- मोरारी बापू


New Delhi,Akash Dwivedi,नई दिल्ली,आकाश द्विवेदी।देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के राजघाट पर महात्मा गॉधी (बापू) की समाधि के निकट जीवनदर्शन का सही मार्ग बताने वाले संतश्री मोरारी बापू नौ दिनों तक अपने विशिष्ट अंदाज में रामकथा का भक्तो को रसास्वादन करा रहे है ।श्री रामचरित्र मानस पर अधारित यह कथा 30 जनवरी से शुरु होकर 7 फरवरी तक चलेगी।
पहले दिन की कथा में बापू ने बताया कि राम चरित मानस जैसा कोई दर्पण नहीं है। भगवान और उनका मानस इतना सुंदर है कि खरदूषण जैसा राक्षस, जिसकी बहन सुपर्णखा की नाक कटी थी। इसके बाद भी वह राम को देख कर मुग्ध हो गया था। उसने कहा था कि उन्होंने ऐसा स्वरूप कभी नहीं देखा था। उन्होंने कहा कि मानस आलमारी की शोभा बढ़ाने वाला ग्रंथ नहीं, बल्कि विश्वास करने वाला ग्रंथ है।
                                  बापू ने यह भी बताया कि कथा के नौ दिन सर्वधर्म की प्रार्थना है।सत्य से ही से ईश्वर को प्राप्त किया जा सकता है।राजधानी के राजघाट(गॉधी समाधी स्थल)की महिमा को बताते हुए मोरारी बापू ने कहा मेरी समझ से महात्मा गॉधी की चेतना जागृत है।राजघाट सर्वधर्म की पाठशाला हो सकती है यह एक दिन का चर्चा नहीं नौ दिन की कथा है। उन्होंने आगे कहा कि मैं गॉधी सभी धर्मो के पैग्मबरों में विश्वास करता थे और ईश्वर से निरंतर प्रार्थना करते थे कि मुझे शक्ति दे कि मैं किसी के प्रती क्रोध न रखू।देश को अच्छा भविष्य देने व बिहार की गरीबी को देख गॉधी अपने वस्त्र त्याग दिये थे। गॉधी मुक्त चिंतन में ईश्वर है।व्यक्ति में जल तप होना चहिये।जल तप वह तप होता है जो दुसरो का हित करें।कभी भी किसी के ऑसू की आलोचना नहीं होनी चाहिए।अगर हम किसी को दुख देते है तो वह कही न कही दूसरा रुप लेकर हमें ठेस पहुंचाता है। मानस के अधार पर गॉधी विचार को लेकर हम यहां नौ दिन की कथा कर रहे है।
मोरारी बापू ने हिन्दु धर्म को बताते हुए कहां कि इसमें सभी धर्मो का समावेश है।धर्म की रक्षा सके अनुयायी करते है,जो धर्म के लेकर लड़ते है अपने- अपने धर्म की अवहेलना करते है।कोई भी धर्म बिना श्रध्दा के पालन नहीं किया जा सकता है।साधना का मार्ग कठिन और लंबा होता है गोस्वामी तुलसीदास जी ने बहुत सी दिशाओं में यात्रा की और प्रत्येक दिशा में सत्य को ही पाया। गोस्वामी जी के जीवन में सत्य विभिन्न मार्गो से आया।
                             मोरारी बापू ने कहा कि शिष्य तो गुरु को फूल ही दे सकता है, लेकिन फल तो गुरु ही दे सकता है। उन्होंने कहा कि संसार किसी सिद्ध पुरुष का सार समझता है। परमात्मा में लीन होकर शून्य हो जाना सार्थक है। किसी कार्य को मंजिल तक ले जाना शून्य होता है। जीवन की सरलता ही शून्य है। इसे जो समझ ले उसे संसार को जान लेता है।भाई की महान्ता के बारे में बताते हुए बापू ने कहा कि कहा कि हमें भाईचारे की सीख भरत जैसे भाई से सीखनी होगी। भरत के आदर्श और चरित्र को ध्यान में रखते हुए उनके जैसा भाई बनना होगा। हमारे मन में जलन की भावना नहीं होना चाहिए।आयोजको द्वारा भक्तो की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए खाने-पीने के साथ-साथ चिकित्सा कैंप की व्यवस्था भी की गई है।दिल्ली में आयोजित इस कथा को सुन्ने के लिए देश और विदेश से भारी संख्या भक्तो का तांता लगा रहा।कथा के दौरान 2 मिनट का मौन रखकर महात्मा गॉधी को श्रद्दाजंली भी दि गयी।
                                इस अवसर पर डॉ. महेश शर्मा,भारत सरकार के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मन्त्रालय में स्वतन्त्र रूप से राज्य मन्त्री,केंद्रीय शहरी विकास राज्यमंत्री बाबुल सुप्रियो,राजघाट के सचिव रजनिश,शहरी विकास मंत्रालय के सचिव दुर्गा शंकर मिश्र,गोविंद कृष्ण पाठक मौजूद थे।

संकट को दूर करती है प्रार्थना-------------------
सच्चा साम्राज्य हमेशा व्यक्ति का होता है। स्मरण प्रेम सत्य ही प्रभु का गायन है। हनुमान से प्रार्थना करना ही संकट को दूर करना होता है। उनकी साधना ही जीवन संदेश है। किसी का विरोध नहीं होना चाहिए, निंदा हमेशा पीछे ले जाती है। निंदा की जगह निदान का ज्ञान होना चाहिए।
भगवान राम की महिमा अपार----------------------

भगवान राम हकीकत हैं। राम हैं तो हर रामायण में अलग-अलग बातें हैं। इतिहास देश व सीमा में बंधा होता है। किसी घटना की व्याख्या व बहस प्रत्येक व्यक्ति अपने-अपने ढंग से करता है, इसलिए विभिन्न रामायण में भी अलग-अलग बातें आती हैं। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति की कोई घटना कथा बन जाती है तो व्यक्ति अनंत हो जाता है। वह हरि कहलाता है। हरि अनंत हरि कथा अनंता।
 श्रद्धा से मिलते सारे सुख---------------------
भक्त की सेवा को भगवान अपनी सेवा मानते हैं और भक्त से किए गए विरोध को भगवान अपना विरोध मान लेते हैं क्योंकि भक्त के हृदय में भगवान का निवास होता है। भगवान का भक्त कभी किसी सुख समृद्धि के लिए पीछे नहीं दौड़ता है अपितु सारे सुख समृद्धि उसे खुद ही मिल जाते हैं। हमें तो केवल भक्ति करनी चाहिए।
------------------------------ ईश्वर के लिए अपने तप को समझे--------
मोरारी बापू ने तप की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जीवन में तप का बड़ा महत्व होता है। श्रीराम ने मर्यादित होकर मानव जीवन जीने को तप बताया है। प्रभु श्रीराम ने रिश्तों में मर्यादा की स्थापना की है।
सफल जीवन के लिए किया गया श्रम तप ही तो है। जहां सफलता नहीं मिलती वहां समझ लेना चाहिए कि मेरी श्रम की तपस्या में कमी रही होगी। हमें कभी भी ईश्वर के प्रती अपनी आस्था को कम नहीं करना चहिए। जो परमार्थ दिखावे के लिए होता है, वह स्वार्थ से भी बुरा है और जो स्वार्थ सबके हित में हो, वह परमार्थ से भी अच्छा है।


Monday, December 7, 2015

स्वास्थ्य मंत्री ने बदवानी मामले में राज्य सरकार की मदद हेतु उच्च स्तरीय टीम को निर्देश दिए


new delhi,akash dwivediकेंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  जे पी नड्डा के दिशानिर्देश के पश्चात इन्दौर के बदवानी में डॉक्टरों की एक उच्च स्तरीय टीम को राज्य सरकार की सहायता के लिए रवाना होने के आदेश दे दिए गए हैं जहां रतौंधी की सर्जरी के लिए आयोजित एक स्वास्थ्य कैम्प में कुछ लोगों की आंखों की रोशनी जाने की बात सामने आई थी। यह टीम इन सभी मामलों को देखने में राज्य सरकार की क्षमताओं में बढ़ोतरी करेगी। 

स्वास्थ्य मंत्री  जे पी नड्डा ने वक्तव्य जारी कियाः "डॉक्टरों की एक केंद्रीय टीम स्वास्थ्य कैम्प में सर्जरी के बाद आंखों की रोशनी जाने के डर वाले रोगियों की सहायता करेगी।" 

केंद्रीय टीम में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से छह वरिष्ठ नेत्र रोग शल्य चिकित्सक/ डॉक्टर कल इंदौर पहुंचेंगे। टीम में डॉक्टर अतुल कुमार, डॉक्टर सुदर्शन खोखर, डॉक्टर राघव, डॉक्टर तलवीर सिधू, डॉक्टर तेजस्विनी और डॉक्टर अभिषेक समीर सम्मिलित हैं। 

देश ने आज सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया

new delhi,akash dwivedi,पूरे देश में आज सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर रक्षा मंत्री  मनोहर परिर्कर ने सशस्त्र सेना कर्मियों को हार्दिक बधाई देते हुए देश के नागरिकों से सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष में उदारतापूर्वक दान देने की अपील की।  परिर्कर ने कहा कि इस कोष में दान देने और गौरव के साथ झंडे को प्रदर्शित करके देश सशस्त्र सेना कर्मियों की वीरता के प्रति समर्थन व्यक्त करता है। उन्होंने कहा कि सशस्त्र सेना झंडा दिवस देश की अखंडता और सीमाओं की रक्षा, राष्ट्रीय आपदाओं के समय मूल्यान सेवा तथा विभिन्न राज्यों में अशांति से निपटने वाले वीर जवानों के समर्पण , देशभक्ति और साहस के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर देता है ।
                                      इस अवसर पर नई दिल्ली में केंद्रीय सैनिक बोर्ड(केएसबी) के अधिकारियों ने रक्षा राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह , तीनों सेनाओं के प्रमुखों तथा रक्षा सचिव को झंडा दिवस का प्रतीक चिन्ह लगाया। लोगों से एकत्रित दान को एएफएफडीएफ को दिया जाएगा। रक्षा मंत्री के सानिध्य में इस कोष का प्रबंधन केएसबी सचिवालय करता है। 
                                      एकत्रित किये गए धन का उपयोग पक्षाघात पुनर्वास केंद्रों , कैशियर होम्स, डॉ. डन्सटैन आफ्टर केयर आर्गनाइजेशन, तथा युद्ध स्मारक होस्टलों को अनुदान देने में किया जाएगा। इस कोष से पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को विद्यार्थी स्कॉलरशिप तथा पूर्व सैनिकों के बच्चों के विवाह अनुदान के रूप में वित्तीय सहायता दी जाती है। सशस्त्र सेना झंडा दिवस सीमाओं की रक्षा करने में प्राण न्यौछावर करने वाले शहिदों तथा पूर्व सैनिकों के बलिदान को याद करने और पूर्व सैनिकों तथा उनके आश्रितों तथा युद्ध में शहीद हुए लोगों की विधवाओं और निःशक्त हुए लोगों के कल्याण में एकजुटता व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है। 

कलराज मिश्र ने वैश्वि‍क लघु और मझौले उद्यम (एसएमई) शिखर सम्‍मेलन 2015 का उद्घाटन किया


new delhi,akash dwivedi इस अवसर पर केंद्रीय सूक्ष्‍म, लघु और मझौले उद्यम मंत्री  कलराज मिश्र ने कहा कि लघु और मझौले उद्यमों को विभिन्न देशों में उनके समकक्षों के साथ साझेदारी कर अधिक प्रतिस्पर्धी बनने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। इस उद्देश्य हेतु सरकार की सहायता के लिए निजी क्षेत्र को भी आगे आना चाहिए। 
कलराज मिश्र ने 7 दिसंबर इंडिया हेबिटेट सेन्टर में वैश्विक लघु और मझौले उद्यम (एसएमई) शिखर सम्मेलन 2015 का उद्घाटन किया। इस वर्ष सम्मेलन का विषय है ‘’वैश्विक एसएमई साझेदारी के जरिए मेक इन इंडिया।’’ यह सम्मेलन, सीआईआई ने सूक्ष्म, लघु और मझौले उद्यम मंत्रालय के साथ भागीदारी कर आयोजित किया है। 
इस सम्मेलन का उद्देश्य आपसी कारोबार को बढ़ाना और उभरते भारतीय बाजार को तलाशने के लिए वैश्विक एसएमई उद्यमों को भारतीय सूक्ष्म, लघु और मझौले उद्यमों के साथ जोड़ना है। यह सम्मेलन सूक्ष्म, लघु और मझौले उद्यम के मुद्दों से निपटने और सीमापार साझेदारी के अवसर तलाशने में प्रमुख निर्णायकों, व्यवसाय प्रमुखों और बहुपक्षीय, ग्लोबल फंडिंग एजेंसी के लिए मज़बूत मंच तैयार करने का कार्य करेगा। 

कोहरे को देखते हुये रेल गाड़ियों के परिचालन के लिए तैयार हुई रणनीति

नई दिल्ली,4 दिसम्बर,akash dwivedi। भारत में कोहरे का मौसम बहुत कष्टप्रद होता है जिसका प्रभाव हमारे रेल परिचालन पर गंभीर रूप से पड़ता है।  हाल ही के वर्षों मेंकोहरे के मौसम में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। उदाहरण के लिएपिछले कोहरे के मौसम के दौरान दिसम्बर-14 के अंतिम सम्ताह से मार्च 2015 के प्रथम सम्ताह तक रेल गाड़ियों के परिचालन पर कोहरे का काफी प्रभाव पड़ा था।  इसके अतिरिक्त सबसे पहले कोहरे का प्रभाव भारत के पूर्वी भाग और मध्य भारत के कुछ भाग में गंगा के मैदानी भाग पर पड़ा था।  तथापिहमारा पिछला कोहरे के मौसम का अनुभव यह दर्शाता है कि घने कोहरे का दृश्य उत्तरी क्षेत्रों तकउत्तर प्रदेशउप हिमालय पश्चिम बंगाल में बिहार की तलहटी तथा उत्तरी पूर्वी राज्यों में गुवाहटी और अगरतला तक घटित हुआ था। दक्षिण पश्चिम की ओरपश्चिमी तटीय स्थान जैसे गोआकारवाड़ एवं मंगलौर में दिसम्बर-2014 से फरवरी 2015 तक कोहरे के मौसम का प्रभाव हुआ।  जिसके कारण दृश्यता काफी हद तक प्रभावित हुई।  यहाँ तक कि जनवरी 2015 के दौरान हैदराबाद भी कोहरे की चपेट में आ गया था।  कोहरे के मौसम में कोहरे से प्रभावित क्षेत्र में ड्राइवरों के लिए असमान्य दृश्यता एवं संरक्षा प्रोटोकॉल (गति प्रतिबंध) के कारण मालगाड़ियों एवं कोचिंग रेलगाडियों का संचालन घटा देता है।  हमारा गत अनुभव है कि लगभग 25-30 प्रतिशत रेलगाड़ियां अपने गंतव्य स्टेशनों पर असमान्य रूप से लेट पहुंचती हैंजिसके कारण उनकी वापसी यात्रा री-शिडयूल की जाती है या असमान्य लेट हो जाने के कारण उन्हें रदद करना पड़ जाता है।

तीसरे मसूरी विन्टरलाईन महोत्सव में अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करना उद्देश्य


नई दिल्ली,  5 दिसम्बर,akash dwivediमसूरी में 25 से 30 दिसम्बर 2015 को आयोजित होने वाले तीसरे मसूरी विन्टरलाईन महोत्सव 2015 के सफलता पूर्वक आयोजन करने तथा महोत्सव में अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी रविनाथ रमन ने नई दिल्ली प्रेस क्लब में वार्ता की।
       जिलाधिकारी ने बताया कि मसूरी विन्टरलाईन महोत्सव के इस वर्ष तृतीय संस्करण में उत्तराखण्ड के पारम्परिक कलाकार प्रस्तुति देंगे,जिनमें जागर गायक बसंती बिष्ट,  उत्तराखण्ड के गढवाली लोक गायक नरेन्द्र सिंह नेगी तथा प्रीतम भरत्वाण अपनी-अपनी प्रस्तुति देंगे । महोत्सव में उत्तराखण्ड के लोक नृत्यों तथा पारम्परिक खेलों को भी शामिल किया गया है।
       उन्होने बताया कि महोत्सव को और अधिक भव्य बनाने हेतु बालीवुड गायक मोहित चैहान (राकस्टार)निजामी बन्धु कव्वाली कार्यक्रमबजरंगी भाईजान’, एन.सी सरकार मैजिक सोआरूषी पोखरियाल कत्थक नृत्यहास्य कवि सम्मेलन में प्रसिद्ध हास्य कवि सुरेन्द्र शर्माराक बैण्ड प्रस्तुति तथा राजस्थानी लोक नृत्यभरत नाट्य अकादमी के कलाकारों द्वारा महाभारत का मंचन तथाएल.ई.डी नृत्य में विशेषज्ञ कालाकार अपनी प्रस्तुति देंगे।
       जिलाधिकारी रमन ने बताया कि उपरोक्त कार्यक्रमों के अलावा मसूरी विन्टरलाइन महोत्सव में सभी उम्र के लोगों की पसन्द को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम रखे गये है। जिसमें कठ्पुतली का सोबेबी सोमनोरंजक खेलवयस्कों हेतु जोड़ा नृत्यफोटोग्राफी प्रतियोगिता, कला प्रदर्शनी,सांस्कृतिक कार्यक्रमसाहसिक खेलों में माउन्टेन बाईकिंग तथा अन्य साहसिक खेलों को शामिल किया गया है।न्होने दिल्ली वासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहाड़ों की रानी मसूरी में  आयोजित होने वाले विन्टरलाईन महोत्सव में पंहुचकर कार्निवाल में आने की अपील की ।

आईआईटी दिल्ली में 5वीं राष्ट्रीय प्रदर्शनी और परियोजना प्रतियोगिता में दिलचस्प परियोजनाएं आईं केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन ने प्रदर्शनी में गहरी रुचि दिखाई


नई दिल्ली,7 दिसम्बर,akash dwivedi। आईआईटी दिल्ली में हुई वीं राष्ट्रीय प्रदर्शनी और परियोजना प्रतियोगिता में तीन विद्य़ार्थयों को राष्ट्रीय पुरस्कार और 57 विद्यार्थियों को सांत्वना पुरस्कार दिए जाएंगे।  यह प्रदर्शनी भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान समारोह के साथ आयोजित की गई थी।
 केंद्रीय विज्ञान और टेक्नोलॉजी मंत्री डॉ. हर्ष वर्द्धन ने प्रदर्शनी का उद्घाटन करने करने के बाद इंसपायर विद्यार्थियों के साथ बातचीत की और उनकी परियोजनाओं को देखा।
इंसपायर कार्यक्रम के अंतर्गत 699 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। ये विद्यार्थी जिला और राज्य स्तर पर स्पर्धा में चुने जाने के बाद इसमें भाग ले रहे हैं।
दिल्ली के विभिन्न स्कूलों के बच्चे भी इंसपायर प्रदर्शनी स्टॉलों को देखने आ रहे हैं। इस अवसर पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी सचिव प्रोफेसर आशुतोष शर्मा,आईआईटी के निदेशक प्रोफेसर क्षितिज गुप्ताविभा के महासचिव जय कुमार  तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग आईआटी टीआईएफएसी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।  इस अवसर पर डा. हर्ष वर्द्धन ने कहा कि कि एनएलईपीसी में प्रस्तुत अधिकतर नवाचार साधारण जन के दैनिक जीवन में सुधार के उद्देश्य लिए हुए हैं।200 वैज्ञानिकों का निर्णायक मंडल विज्ञान परियोजनाओं ,माडलों  के बारे में निर्णय लेगा और 60 विजेताओं के चयन के लिए विद्यार्थियों से बातचीत करेगा।
 इंसपायर एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है,  जिसे विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय विज्ञान के अध्ययन और शोध को कैरियर के रूप में अपनाने के लिए मेधावी विद्यार्थियों को आकर्षित करने के लिए लागू करता है।  इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य देश के युवाओं में विज्ञान की दिलचस्पी बढ़ाना विज्ञान की पढ़ाई के लिए मेधा को आकर्षत करना तथा विज्ञान टेक्नोवॉजी प्रणाली तथा अनुसंधान और विकास का विस्तार करना है।  इस कार्यक्रम को 2008 में प्रधानमंत्री द्वारा लांच किया गया था और यह 2009-10 के दौरान शुरु हुआ।


मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने दिल्ली के बीकानेर हाउस में किया चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन

नई दिल्ली, 07 दिसम्बर,akash dwivedi। राजस्थान की मुख्यमंत्री  वसुंधरा राजे ने सोमवार सांय को नई दिल्ली स्थित बीकानेर हाउस की नवसंधारित आर्ट गैलेरी में रोली बुक्स के सौजन्य से आयोजित  सीताराम कृत चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इससे पूर्व श्रीमती राजे ने बीकानेर हाउस के विभिन्न हेरिटेज विकास कार्यो पर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की।
चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के अवसर पर राजे ने कहा कि हमारी सरकार का मुख्य उदेश्य बीकानेर हाउस के गौरवशाली इतिहास को पुर्नजीवित करना है। उन्होंने कहा कि हम निरंतर प्रयास कर रहे है कि इस ऐतिहासिक इमारत के मौलिक स्वरूप को निखारकर इसे दिल्ली में ‘गेट वे ऑफ राजस्थान’ और कल्चरल हब के रूप में विकसित करें। 
 राजे ने कहा कि अब बीकानेर हाउस की इस ऐतिहासिक विरासत को अधिकाधिक चित्र प्रदर्शनियों, सेमिनारों, टॉक शो, कार्यशालाओं एवं अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों के लिए उपलब्ध करवाया जा सकेगा। इन आयोजनों से दिल्लीवासियों को इंडिया गेट के नजदीक अन्य ऐतिहासिक भवनों के साथ-साथ राजस्थान की कला, संस्कृति एवं धरोहर से रूबरू होने का मौका मिलेगा।
रोली बुक्स के सौजन्य एवं ब्रिटिश लाईब्रेरी, नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित  सीताराम द्वारा चित्रित यह प्रदर्शनी बीकानेर हाउस में आम जनता के लिए 31 दिसम्बर तक खुली रहेगी। इस प्रर्दशनी में तत्कालीन बंगाल के गर्वनर जनरल लॉर्ड हैस्टिंग द्वारा बंगाल से पंजाब की यात्रा (1814-15) को बखूबी पेंटिग्स के माध्यम से दिखाया गया है। पेंटिग्स में तत्कालीन भारत के ऐतिहासिक विरासतों, महलों एवं भारतीय संस्कृति की विविधताओ को  स्पष्ट रूप से दिखाया गया है।
इस मौके पर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्राी  शीला दीक्षित, नई दिल्ली स्थित ब्रिटिश लाईब्रेरी के विजुअल विभाग प्रभारी श्री जॉन, मुख्यमंत्राी सलाहकार परिषद् की सदस्य श्रीमती मीरा महर्षि, श्रीमती मालविका सिंह, दिल्ली में राज्य की प्रमुख आवासीय आयुक्त डॉ. सविता आनन्द, रोली बुक्स के  पी.कपूर सहित दिल्ली स्थित राजस्थान सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण भी मौजूद थे।

Friday, December 19, 2014

DU teachers give their suggestions for the BJP Election Manifesto of BJP

New Delhi,  Under the process of getting suggestions from the public for the Election Manifesto 2015, BJP Delhi Pradesh President Shri Satish Upadhyay talked with the professors and college principals of DU. A delegation of about 300 professors, lecturers and college principals of DU met BJP Pradesh President Shri Upadhyay at the Party office and gave their suggestions. Prominent persons in the delegation included Dr. P.K. Chinda, Dr. Suman Sharma, Prof. Yamini Gupta and Dr. R.B. Solanki.

This interaction continued for about 2 hours and the teachers of various colleges gave their suggestions in which the prominent points are:-

  • On the one hand many colleges in Delhi are only morning colleges and on the other hand there is lack of college infrastructure. In this situation the teachers suggested that all the colleges to be run in two shifts.
  • University campus should be established in East and West Delhi on priority basis.
  • Moral education, career counseling and education for nation building should be essential part of graduate degree course.
  • There is only one college in the rural area of Delhi. One college each should be established in Narela, Najafgarh area on priority basis.
  • Hostels should be constructed on the dormitory and kitchen basis for the Girl students coming from outside Delhi and single teachers.
  • A digital library on a selected place in Delhi under DU should be developed so that international level information may be readily available.
  • Colleges under DU should be allowed to get affiliation with foreign universities.

After discussion with the teachers in his thanks giving address Shri Satish Upadhyay said that BJP will study the suggestions from the teachers of DU seriously and include most of the suggestions in our Manifesto. Shri Upadhyay said that all the suggestions of the teachers are reasonable but personally I give my moral support to three suggestions at this forum. I am of the view that all the colleges should be run in two shifts so that all the eligible students get admission. After coming to power we shall start work for a college in rural Delhi within six months and the college will start functioning within the next two years. Besides this we shall give priority to the proposal of dormitory hostels in our Manifesto.



So far as moral education is concerned, BJP and ABVP have always been supporting it. Opening digital library and affiliation to foreign universities will be useful for the students. Proposal for establishment of university campus in East and West Delhi is reasonable but we require sufficient time for it.

Shopping malls to come up at select locations in 3 years Railways undertaking massive tech

NEW DELHI, The Indian Railways has embarked on a massive technology upgradation drive to cater to the safety and comport of passengers and cut down on travel time, Mr Arunendra Kumar, Chairman, Railway Board, said here today while addressing FICCI’s National Executive Committee Meeting on the eve of FICCI’s 87th Annual General Meeting on Saturday.

In a special address on ‘A New Vision for the Indian Railways’, Mr. Kumar told industry leaders that following the decision to open up the Railways to 100% FDI in 10 select areas, benchmarked to global standards, the railways is looking to large private sector investment “in areas where we want and in areas where you want to invest.”
  
Mr Kumar said that given the need to modernize the system to make the railways people-centric, “the Indian Railways is not likely to do what it has been doing in the past and it will come up in a business-like manner.” In this context, the first investors meet was held on December 5 and the next is slated to be held on the January 6, 2015.

Giving an instance of the enormity of the investments required for high speed trains of 300 plus kms per hour, the Railway Board chief said whilst the funds required for laying tracks for express trains was Rs. 10 crore per km., for high speed trains it was a whopping Rs. 100 crore. Apart from developing these, the plans are afoot to raise the speed of exiting trains. For instance, it is proposed to cut the travel time from Delhi to Kanpur to three hours and Kanpur to Lucknow to one hour.

He said that technology was being brought in every area in which the railways operate. For the convenience of the passengers, mobile ticketing was about to be launched shortly.
   
Station development is another area that is engaging the attention of the Indian Railways. A shopping mall concept was in the works to attract passengers who normally arrive at the station much before the train departs. “We should be able to see this happen at five-six locations in the next two to three years”, he said.

Additionally, catering of food is sought to be improved by allowing passengers to order the menu of their choice at a particular station; apart from re-designing wagons and locos for comfort and making them accident-resistant and easy tracking of freight parcels.

Mr. Kumar ar said that special efforts were being make to reduce the number of accidents at railway crossings, 40% of which occur die to careless motorists, by reducing the number of crossings. At present there are 11,000 unmanned crossings and it is proposed to eliminate them altogether in the next 6 years.

Thursday, December 18, 2014

ASSOCHAM for tariff reduction on imported nutritional foods in Budget 2015-16 , Nutritional foods are highly beneficial for patients suffering from cancer & renal diseases

Apex industry body ASSOCHAM has urged the Centre to reduce the tariff imposed on nutritional foods that are essential for cancer and renal diseases management as the Government readies itself to prepare Union Budget 2015-16.

“There is a need to relook at the duties being currently levied on imported products which are able to provide high quality nutrition (which are highly recommended by healthcare professionals) as an early and intensive nutrition intervention is beneficial for both diseases,” highlighted The Associated Chambers of Commerce and Industry of India (ASSOCHAM) in a communication addressed to Mr Amitabh Kant, secretary, Department of Industrial Policy and Promotion (DIPP).

As per the current import duty structure for nutritional food products beneficial for both these disease, there is basic customs duty (BCD) of 30 per cent and a countervailing duty (CVD) of 12.36 per cent.

Besides, CVD of 12.36 per cent is also levied on domestic manufacturers, hence, the BCD is additional for importers.

“If both BCD and CVD can be made nil (zero per cent), it will benefit hundreds of thousands of families from lower cost of providing nutritional food to patients who already suffer from high cost of medicines for these diseases,” said Mr D.S. Rawat, secretary general of ASSOCHAM.

“Even the customs duties on similar products in countries like Singapore and Vietnam is nil (zero per cent) and as low as five per cent respectively,” said Mr Rawat.

Protein-energy malnutrition (PEM) is the most common secondary diagnosis in individuals diagnosed with cancer, starting from inadequate intake of carbohydrate, protein and fat to the reduced absorption of macronutrients.

While patients with renal failure represent an extremely heterogeneous group, whose nutritional requirements can therefore differ widely as such PEM is very common amid kidney patients that negatively impacts prognosis.

ProSure is a therapeutic nutritional food product scientifically formulated to address nutritional needs of people suffering from cancer-induced weight loss or who are at risk of developing this complication.

Various clinical studies have demonstrated that drinking ProSure daily as part of an overall cancer plan – promotes weight gain; helps build/maintain lean body mass; improves physical activity, quality of life, appetite and dietary intake; increases strength and attenuates pro-inflammatory response.

Nepro LP is a product for patients suffering from chronic kidney disease and Nepro HP is for patients on dialysis. “Clinicians prescribe these products due to benefit features like good quality protein, high quantity monounsaturated fatty acids (MUFA), presence of modified maltodextrin (Fibersol), low electrolytes and calorie density (more calories in less volume).

It is estimated that about 80,000 new cases of cancer will be seen by 2020 in India. While the current prevalence of kidney diseases is about 17 per cent in the country.

FIRST OF ITS KIND SANSKRIT LIBRARY OPENED IN DELHI

NEW DELHI,AKASH DWIVEDI,The first of its kind Sanskrit Library in the country inaugurated by Secretary, Art & Culture and Languages, Govt. of NCT of Delhi, Smt Geetanjali Gupta Kundra in the office complex of Delhi Sanskrit Academy at Jhandiawalan in Delhi. Government has incurred an expenditure of Rupees 1.85 Crore on Construction & Development of this unique library. Spread and developed in the area of 1000 squire meter, the library has more than 50 almirahs/bookshelves and a huge reading hall. The double storey building is fully air conditioned. The most ultra modern library full of Sanskrit literature has been equipped with all the facilities for readers and research scholars. Chief Engineer PWD Shri Dinesh Kumar, Spl Secy Art and Culture, Shri V. S. Rawat, Secy Sanskrit Academy, Dr. Dharmendra Kumar and a large number of Sanskrit scholars were also present on this occasion.  Smt. Kundra also released E -Learning Hand Book of Sanskrit for the benefit of learners of Sanskrit on this occasion.
Inaugurating the library Smt. Geetanjali Gupta Kundra said that the Delhi Government is committed to provide all facilities to promote Sanskrit language in order to provide better atmosphere and best pieces of literature to the Sanskrit scholars.
She said that the scriptures and available rare manuscripts in Sanskrit in the country will be made available in this very library for the benefit of students and Sanskrit scholars.
She further said that Sanskrit language is the base of Indian culture and civilization. It is the language which represents our rich culture, ethos, harmony and gives the message of unity in diversity to the people in the society.
Smt. Kundra further elaborated that Sanskrit academy in Delhi has organized a number of programs to promote Sanskrit. It has organized one hundred and forty programs including one act plays for children, adults, poet meets, Sanskrit sammelans and cultural programs.
Secy. of Sanskrit academy Shri Dharmendra said that there are 60 lakhs  manu scripts in the country out of which 30 lakhs manu scripts are written in Sanskrit language. We will do our best to gather these manu scripts of Sanskrit and document them in this library.

Wednesday, December 17, 2014

Infra financing can be vulnerable to market failures; NPAs rise up to alarming 17.43%: ASSOCHAM

Emphasising that investment in infrastructure can be subject to market failures, an   ASSOCHAM research paper has noted Gross Non-performing assets (GNPAs) and restructured standard advances for the vital sector  together  has gone up alarming level of 17.43 per cent of the banks’ total advances. 

Most of the increase in the GNPA in the infrastructure sector has come about in the four-year period of March, 2009 and March, 2013 rising from just about 4.66 per cent to 17.43 per cent of total advances of the banks. 

“Thus, continued expansion of bank finance to meet the infrastructure investment may not be sustainable as it may lead a growing concentration of risks on bank’s balance sheets. These risks emanate from the maturity mismatch by financing long terminfra projects from short term bank liabilities,” the ASSOCHAM paper authored by experts in the infrastructure financing said. 


It said markets alone willoften fail to provide these services–either because an infrastructure project would not be profitable onits own, or because the associatedrisks are too large or too costly toinsure. As a result, infrastructureinvestment from the private sectorin many cases cannot be realisedwithout some form of publicsupport. This may take the formof direct financial support or someform of insurance.

In turn, the necessary involvement of a widerange of parties in infrastructure projects – construction companies, operators, government authorities, private investors, insurers and the citizens most directly affected – makeit a complex but essential task to design an efficient set of contracts.

“However much we may like it, the context and the ground reality brought about by the paper clearly points out that in the foreseeable future, Government will remain the key investor in critical infrastructure sectors, although PPPs could helpreduce fiscal constraints,” ASSOCHAM Secretary General Mr D S Rawat said.  Increased private funding for infrastructure will also requirereforms to address the more binding constraints, related to the policy andregulatory environment. 

In the last four – five years the credit to infrastructure grew at a faster pace than total credit. Consequently, the share of infrastructure in gross non-food bank credit rose from 8 per cent in March 2007 to more than 14 per cent in March 2012 

But in the coming years public sector banks will need capital infusion of Rs2, 400 Billion by the year 2018 to be in line withBasel III norms. This is likely to act as a constraining factor in lendingoperations. But the FDI in the sector was not really impressive. 

Cumulative FDI inflows into theinfrastructure sector were of theorder more than USD 25 Billionduring the 12th Plan and averagedUSD 5 Billion per annum.The breakup of FDI inflows revealsthat telecom sector was thehighest recipient of FDI inflows with a share of 40 per cent followed by power 24 per cent, petroleum & natural gas 19 per cent, transport 11 per cent and non-conventional energy 6 per cent.