Thursday, June 12, 2014

हर्षोल्लास से मनाया सम्राट पृथ्वीराज चौहान का जन्मदिन

Akash Dwivedi सम्राट पृथ्वीराज चौहान के 869 वें जन्मदिन पर दिल्ली में प्रवासी राजस्थानियों ने लोडोसराय, पिथौरागढ़ के प्रांगण में स्थापित सम्राट पृथ्वीराज चौहान की प्रतिमा स्थल पर पूरे विधि-विधान से पूजा अर्चना व माल्यार्पण कर भारी उत्साह और हर्षोल्लास से उनका जन्मदिन मनाया।
                                   राजस्थान रावत राजपूत महासभा के सरंक्षक रक्षा मंत्रालय के पूर्व सहायक निदेशक देवी सिंह चौहान ने कार्यक्रम के प्रांरभ में सम्राट पृथ्वीराज चौहान के स्वर्णिम अतीत का स्मरण करते हुए उनके जीवन चरित्र और ऐतिहासिक उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर युवा महामंत्री युद्धवीर सिंह ने कहा कि युवा पीढ़ी को सम्राट चौहान से देश भक्ति की प्रेरणा लेनी चाहिए तथा उन्के आदर्शों को अपने जीवन में उतारना चाहिये।

                              समारोह में महासभा के महामंत्री युद्धवीर सिंह, पूरन सिंह, शंकर सिंह और नवयुवक मंडल के अध्यक्ष शंकर सिंह चौहान, अल्पना चौहान, डॉ. गरिमा चौहान, यशोदा चौहान, अर्चना पूंडिर एवं कई अन्य विशिष्टजनों ने सम्राट चौहान के जीवन चरित्रा पर प्रकाश डालते हुए उनकी प्रतिमा पर श्रृद्धा सुमन अर्पित किए।राजस्थान रावत राजपूत महासभा एवं अखिल भारतीय रावत महासभा की दिल्ली स्थित राजधानी शाखा हर वर्ष लाडोसराय, पिथौरागढ़ के प्रागंण में स्थित सम्राट पृथ्वीराज चौहान की प्रतिमा स्थल पर उनके जन्मदिन के उपलक्ष में समारोह का आयोजन करती है, जिसमें समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित होते है।

बिजली की अघोषित कटौती के विरोध में किया चक्का जाम

Akash Dwivedi जनक पुरी विधान सभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ईन्द्रा पार्क क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से बिजली की अघोषित कटौती से परेशान सैंकड़ो स्थानीय लोगों ने पंखा रोड तिलक पुल के पास चक्का जाम कर दिया और इस कारण काफी देर तक पंखा रोड यातायात अस्तव्यस्त रहा है। स्थानीय लोगों ने बी.एस.ई.एस. बिजली कम्पनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रर्दषन के दौरान काफी बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी सड़क पर आकर अपने आक्राश को  प्रद्रर्शित किया। ईन्द्रा पार्क क्षेत्र में पिछले कई दिनों से बिजली की सप्लाई में बारह घण्टे की अघौषित कटौती हो रही है। बिजली ना होने के कारण पानी की मोटर भी नहीं चल पाती। जिसके कारण लोगों का जीना बेहाल हो गया है। भीषण गर्मी के प्रकोप में बिजली की अघोषित कटौती के कारण ईन्द्रा पार्क के लोगों में काफी अंसतोष व्याप्त है।
          प्रदर्शनकारियों ने जमकर बिजली कम्पनी ए बी.एस.ई.एस., अनिल अम्बानी, और बी.जे.पी. के खिलाफ नारे  बाजी  की ।प्रर्दषनकारियों को सम्बोधित करते हुये पूर्व निगम पार्षद संजय पुरी ने कहा कि भाजपा ने अच्छे दिन आने का जो सपना जनता को दिखाया था। सत्ता में आने के बाद सरकार ने जनता की आशाओं को जला कर राख कर दिया है। इस मौके पर ईन्द्रा पार्क आर.डब्लयू.ए. के प्रधान वीरपाल भाटी, सचिव अनिल सहगल, इकबाल सिंह, हेमंत गुलाटी ने भी बिजली की कटौती पर भाजपा के विधायक जगदीश मुखी के रवैया की कड़ी निदा की। पुरी ने आगे कहा कि ईन्द्रा पार्क में ट्रांसफारमर अपग्रेड होने वाला है, बिजली के खम्बों की तारें जल गयी हैं। बिजली कम्पनी के अधिकारियों का रवैया ठीक नहीं है जिस कारण जनता में बहुत नाराजगी है।

दिल्ली में 3 नए कानूनी मध्यस्थता केन्द्र खुलेंगे

Akash Dwivedi दिल्ली विवाद समाधान समिति आने वाले समय में राजधानी में तीन नए मध्यस्थता केंद्र स्थापित करेगी, ये नए केंद्र जहांगीरपुरी, भोगल और विकासपुरी में खोले जाएंगे। इस कदम से राजधानी के लोगों के कानूनी विवाद का आसानी से समाधान सम्भव होगा। दिल्ली विवाद समाधान समिति दिल्ली सरकार के विधि विभाग के तहत कार्य करती है।
       दिल्ली विवाद समाधान समिति को विभिन्न मध्यस्थता केंद्रो के माध्यम से कुल 20634 विवादित मामले मिले, इस वर्ष अप्रैल तक 8125 मामालों को सुलझाया गया। दिल्ली विवाद समाधान समिति विवादों के निपटारे के लिए राजधानी के लोगों को एक वैकल्पिक बेहतर व्यवस्था प्रदान कर रही है। दिल्ली विवाद समाधान समिति जनता को निशुल्क यह सुविधा उपलब्ध करवा रही है। इस समिति के मध्यस्थता केंद्र विभिन्न विवादों से सम्बन्धित मामले पुलिस या पीडि़तों से सीधे प्राप्त करती है, जिसमें आस पड़ोस और घर परिवार, शादी-विवाह तथा वाणिज्यिक मामले शामिल होते हैं।

       दिल्ली विवाद समाधान समिति ने स्व वित्त संस्था बनने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। इसके लिए समिति ने वित्तीय संस्थानों से पंजीकरण शुल्क और प्रोसेसिंग तथा सेंटलमेंट शुल्क लेना शुरू कर दिया है। समिति ने पिछले वर्ष वित्तीय संस्थानों से पंजीकरण शुल्क और प्रोसेसिंग तथा सेंटलमेंट शुल्क के रूप में 2.22 लाख रुपए और वर्तमान वित्तीय वर्ष में 2.75 लाख रुपए की वसूली अर्जित की है।

हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच एम.ओ.यू साइन

Akash Dwivedi  हरियाणा और उत्तर प्रदेश के बीच बिलासपुर-खौजकीपुर सड़क (पानीपत) तथा बडौत सड़क (उत्तर प्रदेश) को जोड़ने के लिये यमुना नदी पर पुल निर्माण के लिये मैमोरन्डम आफ अंडर स्टैडिंग हस्ताक्षरित किया जायेगा।इस अवसर पर हरियाणा प्रदेश की ओर से प्रधान सचिव,लोक निर्माण विभाग के साथ उत्तर प्रदेश के अधिकारी हस्ताक्षर करेंगे।इस हस्ताक्षर के समय हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा भी विशेष रुप से उपस्थित रहेगें।इस प्रस्तावित पुल का स्थान गांव हथवाला जिला पानीपत,हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश के गांव छपरौली के नजदीक है।यह पुल बागपत और पानीपत को सीधे जोड़ेगा।पुल के निर्माण हो जाने से दोनों प्रदेशों के किसानो को लाभ मिलेगा।पुल के निर्माण में आने वाले खर्चें को दोनो राज्य आपस में बराबर वहन करेगें इसके साथ दोनों प्रदेशों की सरकारे अपने अपने राज्य की अप्रोच सड़के तथा प्रोटेशन कार्य के निर्माण में आने वाले खर्च को खुद वहन करेगीं। हरियाणा राज्य इस परियोजना में आने वाले खर्च के लिये राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्रीय योजना समिति से ऋण लेगा।इस परियोजना में किसी प्रकार की कोई परेशानी न आये इसके लिये एक प्रोजेक्ट सिटेरिंग कमेटी(पीएससी) का निर्माण किया जायेगा जिसमें दोनों राज्यों के अधिकारी शामिल होंगे।जोकि कार्य की प्रगति और दूसरी गतिविधियों पर ध्यान रखेगें।

Tuesday, June 10, 2014

अवैध शराब का जखीरा बरामद

नई दिल्ली,आकाश द्विवेदी।दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग ने दिल्ली में अवैध शराब की आपूर्ति व बिक्री के विरूद्ध धर-पकड़ अभियान को तेज कर दिया है। आबकारी विभाग के छापेमार दल ने देर रात बिंदापुर इलाके से भारी संख्या में अवैध शराब का जखीरा बरामद किया है।
 आबकारी आयुक्त जे बी सिंह ने बताया कि छापामार दल ने बिंदापुर इलाके से 1212 अवैध अंग्रेजी शराब की बोतलों का जखीरा, जिनमें बैस्टो विस्की, रसीला संतरा, किंगफिसर बीयर शामिल थी । इस शराब की एक्साइज ड्यूटी अदा नहीं की गई थी। शराब को अरूणाचल प्रदेश और हरियाणा में बेचने के लिए इकट्ठा किया गया था। उन्होंने बताया कि शराब का जखीरा जे. जे. कालोनी बिंदापुर, दिल्ली के रहने वाले विक्रम से बरामद किया गया।

सिंह ने आगे बताया कि सरकार ने अवैध शराब की आपूर्ति व बिक्री पर रोक लगाने की दृष्टि से छापामारी अभियान जारी रखा है। इससे पहले आबकारी विभाग ने दिल्ली के 9 स्थानों से अवैध शराब की 10176 बोतलें बरामद कर चुका है ।सिंह ने आगे बताया कि अवैध शराब की बरामदगी और अवैध शराब के धंधे में लिप्त लोगों के विरूद्ध छापेमारी का अभियान जारी रखा जाएगा। कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक प्रावधानों के तहत सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी

डी.ई.आर.सी. चेयरमैने को हटाने की सिफारिश करें जंग

नई दिल्ली,आकाश द्विवेदी।दिल्ली भाजपा के मीडिया संयोजक हरीश खुराना ने उपराज्यपाल दिल्ली से मांग की है कि वे पूर्व की दिल्ली की कांग्रेस सरकार से सांठगांठ रखने वाले डीईआरसी चेयरमैन को दिल्ली की जनता के हितों के विपरीत कार्य करने के आरोप और दिल्ली की जनता को बिजली न मिलने के लिये तुरंत पद से हटाने की सिफारिश करें।
                          खुराना ने राजधानी में चल रही भयंकर बिजली किल्लत के लिये सीधे तौर पर कांग्रेस सरकार और आम आदमी पार्टी की सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। मार्च महीने में सरकार और बिजली कंपनियों द्वारा जारी समर एक्शन प्लाॅन अब कहां है? जब समर एक्शन प्लान बन रहा था तब सरकार के मुखिया अरविंद केजरीवाल कहां थे? आज जबकि केन्द्र में दो हफ्ते की सरकार है तब उस पर दिल्ली की बिजली किल्लत का ठीकरा थोपना कांग्रेस और आप के लिये किस तरह जायज है।
                   भाजपा पिछले 15 वर्ष से लगातार दिल्ली की कांग्रेस सरकार से मांग करती रही कि निजीकरण के बाद दिल्ली की जनता को सातों दिन चैबीस घंटे बिजली दी जाये। बिजली प्राप्त करना जनता का मौलिक अधिकार है। दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की बिजली कंपनियों से सांठगांठ रही, इसी कारण उनहोंने राजधानी की जनता का कोई ख्याल नहीं किया और बार बार बिजली के दाम बढ़वाती रहीं। बिजली कंपनियों को उन्होंने जनता के हिस्से से सब्सिडी दी। यही कार्य आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी किया। उन्होंने बिजली कंपनियों को करोड़ों रूपये की सब्सिडी दी और अपना वह वायदा पूरा नहीं किया जिसमें उन्होंने कहा था कि सरकार में आये तो बिजली के दाम आधे कर दिये जायेंगे। अब कांग्रेस और आम आदमी पार्टी भाजपा को बिजली पानी के लिये निशाना बना रही हैं। सच यह कि राजधानी की बिजली पानी किल्लत के लिये सीधे तौर पर कांग्रेस सरकार और आम आदमी पार्टी की सरकार ही जिम्मेदार है। कांग्रेस सरकार ने पिछले 15 साल में दिल्ली की जरूरत को देखते हुये अतिरिक्त बिजली पैदा करने के लिये कोई ठोस प्रयास नहीं किये।

                       इस प्लान में कहा गया था कि गर्मियों के लिये दिल्ली की जनता के लिये 6000 मेगावाट बिजली की व्यवस्था कर ली गई है। आज गर्मी ने दिल्ली के पिछले 62 साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। पालम में पारा 47.8 डिग्री चढ़ गया। दिल्ली के लोग भीषण गर्मी से परेशान हैं और बिजली कंपनियां उन्हें कोई राहत नहीं प्रदान कर रही हैं। बिजली कंपनियों की नजर हर समय दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर रहती है। इसी कारण बिजली चोरी रूकने पर भी दिल्ली में बिजली के दाम नहीं घटाये गये। दिल्ली विश्वविद्यालय में इस समय प्रवेश प्रक्रिया जारी है। लाखों छात्र छात्रायें डीयू में एडमिशन के लिये भीषण गर्मी में घर से बाहर निकल रहे हैं ताकि वे अपना फार्म भरकर जमा कर सकें। हजारों छात्र ऐसे हैं जिनके यहां कम्प्यूटर नहीं है। ये लोग साइबर कैफे का सहारा ले रहे हैं। साइबर कैफे के मालिक उन्हें वापस लौटा रहे हैं क्योंकि उनके यहां बिजली नहीं आ रही है। 

प्रशासन का नहीं सामान बेचने वालों पर कोई नियंत्रण

नई दिल्ली,आकाश द्विवेदी।राजधानी में यात्रियौं की सुविधा के लिये भले ही सरकार द्रारा सुरक्षा के सभी इन्तेजाम करने के दावे किये जा रहे हों, लेकिन दिल्ली के प्रमुख बस अड्डो में से एक आनन्द विहार अंतरराज्यीय बस अड्डा परिसर में प्रशासन का बसों में सामान बेचने वालों व झपटमारों पर कोई नियंत्रण नहीं है। आए दिन यात्रियों से ठगी के नये मामले सामने आते है।ये घटनाये लगातार बढ़ रही है और इन घटनाओं को लेकर प्रशासन गंभीर भी नही दिखाई दे रहा है। इस अंतरराज्यीय बस अड्डा परिसर में लगभग पांच सौ से अधिक लोग बसों में सामान बेचते हैं। अक्सर यहां यात्रियों को दुकानदारों से लड़ते हुये देखा जा सकता है ।जिसका कारण है की दुकानदार बाजार भाव से ज्यादा दाम यात्रियों से लेते है। फेरी लगा कर समान बेचने वालों का  बस अड्डा प्रशासन व पुलिस के पास कोई रिकार्ड नहीं है। सामान बेचने वाले कहां का रहने वाला हैं व उसका पुराना रिकार्ड कैसा है, इसकी जानकारी भी किसी को नहीं है। ये हालात उस वक्त हैं जब आए दिन परिसर व उसके आस-पास यात्रियों से ठगी के मामले लगातार बढ रहे हैं।कई बार यात्री ने पुलिस के पास इस विषय में शिकायतें लेकर जाते है मगर पुलिस चौंकी में मामले  को दर्ज नहीं किया जाता है। फलस्वरूप, ठगी के शिकार निराश होकर घर लौटने के लिए विवश रहते हैं। यहां के शौचालयों के हलात काफी खराब है। जिसके कारण महिलाओं को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस बस अड्डा परिसर में । लोकल यात्रा करने वाले यात्रियों ने कई बार बस अड्डा प्रशासन के सामने अनधिकृत तरह से परिसर व बसों में सामान बेचने वालों का मामला उठाया, लेकिन बस अड्डा प्रशासन इस पूरे मामले में विफल साबित हुआ है। 

आधारभूत संरचना विकास के लिए समग्र रोडमेप तैयार करने की जरूरत- राजे

नई दिल्ली,आकाश द्विवेदी।राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने प्रदेश में आधारभूत संरचना विकास के लिए विदेशी निवेशकों द्वारा प्रदर्शित की जा रही रूचि का स्वागत करते हुए कहा है कि इच्छुक निवेशकों, विशेष कर जापान और यू.के. के साथ साझा रणनीति तैयार करने के लिए एक समग्र रोडमेप तैयार करने की जरूरत है।
राजे सोमवार को नई दिल्ली में इंडिया सेन्टर फाउण्डेशन और इंडिया इन कार्पोरेट द्वारा जापान एवं यू.के. के निवेशकों द्वारा राजस्थान में निवेश की संभावनाओं पर आयोजित संयुक्त प्रस्तुतीकरण बैठक को सम्बोधित कर रही थी। उन्होंने कहा कि क्षेत्राफल की दृष्टि से भारत के सबसे बड़े प्रदेश राजस्थान का समग्र विकास हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।प्रदेश में सोलर ऊर्जा सड़क नगरीय विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, जल संसाधन, कृषि आदि विभिन्न क्षेत्रों में आधारभूत विकास संरचना विकास के लिए निवेश की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि दिल्ली-मुम्बई औद्योगिक एवं रेल फ्रेट कोरीडोर का लगभग 38 प्रतिशत हिस्सा राजस्थान से गुजरेगा। साथ ही इसके समानान्तर और भी कोरीडोर विकसित होना प्रस्तावित है। देश की राजधानी दिल्ली से नजदीक होने से कई देशी-विदेशी निवेशक राजस्थान की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि नीमराना में विकसित किए गये जापानी -जोनमें हम पहले से ही जापान के साथ काम कर रहे हैं। नीमराना के निकट गिलोट में दूसरा जापानी जोन और दक्षिण कोरियाई जोन भी प्रस्तावित है।
          रेगिस्तान प्रधान राजस्थान की अपनी अलग  भौगोलिक परिस्थितियाँ हैं, जिसमें आधारभूत संरचना विकास किसी चुनौती से कम नहीं है। इसलिए यह जरूरी नहीं है कि इस क्षेत्र में अन्य राज्यों में किए गये कार्य राजस्थान की परिस्थितियों के अनुकूल व्यावहारिक धरातल पर खरे उतर सके। अतः राजस्थान में निवेश के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को अपना कर व्यापक रणनीति और रोडमेप बनाना जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि यू.के. और जापान  के प्रतिनिधि राज्य के मुख्य सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ प्रारंभिक चर्चा शुरू कर एक सर्वग्राह्य रोडमेप तैयार करे।

कांग्रेस विधायकों ने किया घेराव


                   

सिंधी भाषा के गीत और नृत्य की विधाओं पर बच्चों को दिया प्रशिक्षण

नई दिल्ली,आकाश द्विवेदी।दिल्ली सरकार भाषाओं के विकास तथा उनमें गढ़ी गई कला और संस्कृति के प्रचार व विस्तार के लिए अनेक कार्यक्रम आयोजित कर रही है। सरकार की सिंधी अकादमी  ने दिल्ली के विभिन्न इलाकों में सिंधी भाषा, कला एवं संस्कृति के प्रचार-प्रसार हेतु विभिन्न सांस्कृतिक बाल कार्यशालाओं का आयोजन किया है। इन कार्यशालाओं के माध्यम से बच्चों को सिंधी गीत, नाटक और नृत्य की विधाओं में निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
                              सिंधी अकादमी के सचिव सिंधु मिश्रा ने बताया कि सिंधी अकादमी पिछले पांच वर्षो से ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान बच्चों के लिए महीने भर की कार्यशालाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करती आ रही है। प्रत्येक वर्ष में इन कार्यशालाओं व सांस्कृतिक कार्यक्रमों की लोकप्रियता में निरंतर वृधि के साथ -साथ बच्चों की रुची और उनकी संख्या भी बढ़ी है।
मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष, अकादमी ने 24 केंद्रों पर 29 कार्यशालाओं का आयोजन किया है। इन कार्यशालाओं में तैयार किये गए सिंधी नाटक, गीत एवं नृत्य का मंचन ‘‘सिंधी बाल उत्सव’’ के रूप में 8 से 12 जून आई पी इस्टेट स्थित इण्डियन काउंसिल फार कल्चरल रिलेशंस , आजाद भवन आडीटोरियम, में किया जाएगा।

दिल्ली की सड़को पर घूम रही मौत

नई दिल्ली,आकाश द्विवेदी।प्रतिबंधित समय के वावजूद लगातार दिल्ली की सड़को पर भारी वाहन दौड़ रहे है।अगर दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं पर गौर करे तो जितने लोग बस, टैंपो, ऑटो रिक्शा आदि वाहनों की चपेट में नहीं आते, उससे कहीं ज्यादा राजधानी में समय सीमा के बाद प्रवेश करने वाले ट्रक, डंपर, टैंकरों के पहिये तले रौंदे जा रहे हैं।
                                    राजधानी के जोड़ने वाले नौ हाईवे से प्रतिदिन 13 लाख भारी वाहनों की आवाजाही होती है। इसके पहले सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट  की एक रिपोर्ट में बताया जा चुका है कि यातायात से संबंधित दिल्ली में जो समस्या है इसमें 15 फीसद भारी मालवाहक वाहनों के कारण हैं। अक्सर भारी वाहनों के कारण दिल्ली के राष्ट्रीय राजमार्ग-दुर्घटनाये होती रहती है।इन दुर्घटनाओं में अब तक कई लोगों की जाने जा चुकी है ऐर की लोग जख्मी हो चुके है।
                         यातायात पुलिस की मानें तो सड़क दुर्घटना में जितने लोगों की मौत होती है इसमें 15 फीसद हिस्सा इन भारी वाहनों का होता है। भारी वाहनों में भी जो प्रतिबंधित समय में दिल्ली की सीमा में घुसते हैं तो पकड़े जाने से बचने के लिए गति-सीमा का भी पालन नहीं करते। ऐसे वाहनों पर कार्रवाई की बात करें तो सिर्फ चंद रुपये का चालान होने से खौफ नहीं के बराबर होता है।

                                 

उपराज्यपाल ने किया व्यय वित्त समिति गठन

नई दिल्ली,आकाश द्विवेदी। दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग ने दिल्ली के लिए सात सदस्यीय व्यय वित्त समिति का गठन किया है। दिल्ली के मुख्य सचिव एस के श्रीवास्तव को इस समिति का अध्यक्ष बनाया गया हैवहीं प्रधान सचिव वित्त एवं योजना डा. एम एम कुट्टीसचिव लोक निर्माण विभाग अरूण बरोकानिदेशक योजना  बी के शर्मासंबंधित विभाग के प्रधान सचिवसंबंधित विभाग के विभागाध्यक्ष और वित्त विभाग के उपसचिव इस समिति के सदस्य नियुक्त किए गए है।

                                     यह व्यय वित्त समिति दिल्ली सरकार के सभी विभागों से संबंधित योजनाओंकार्यक्रमोंपरियोजनाओं और निर्माण संबंधी कार्यों की मंजूरी प्रदान करेगी। इस व्यय वित्त समिति का गठन सरकार के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है कि सरकार की अधिकतर योजनाओं व परियोजनाओं की मंजूरी इसी समिति की परिधि के कार्यक्षेत्र में आती है। वित्त विभाग के अनुसार सरकार के विभिन्न विभागों के निर्माण संबंधी व्यय की मंजूरी प्रदान करने के लिए संबंधित विभाग के प्रधान सचिव व सचिव पांच करोड़ तक की धनराशि के लिए अधिकृत है, वहीं पांच करोड़ से अधिक व दस करोड़ तक की मंजूरी प्रदान करने के लिए वित्त विभागदस करोड़ से सौ करोड़ रुपए तक की मंजूरी प्रदान करने के लिए व्यय वित्त समिति और सौ करोड़ से उपर के खर्च की मंजूरी प्रदान करने के लिए मंत्रीमंडल या मंत्रीमंडल के न होने पर उपराज्यपाल अधिकृत है।

नयी दिल्ली स्टेशन पर नहीं बना अंडरपास

नई दिल्ली,आकाश द्विवेदी।देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रमुख रेलवे स्टेशन नई दिल्ली स्टेशन को विश्व स्तरीय स्टेशन बनाने की योजना आज तक पूरी नहीं हो पायी ,अधिकारियों को ढुलमुल रवैये के कारण यात्रियों की सुविधा वाली यह योजना परवान नहीं चढ़ सकीयात्रियों की सुविधा के लिये इस योजना पर तत्काल पहल शुरू हो जानी चाहिए थी। इस समय स्टेशन के जर्जर पड़े फुट ओवरब्रिज कई जगह से टूटने लगे हैं ।कई जगह तो सिढियों के किनारे भी चुट गये है,जिसके कारण कई बार तो यात्री फिसल कर गिर जाते है। जो रेल प्रशासन सिड़ियों की मरमत नही कर सकता है उससे करोड़ों रुपये की लागत से अंडरपास बनाने की योजना की परवान चढ़ने की उम्मीद कैसे की जाए। नतीजन रेलवे की इस महत्वकांछी योजना को ठंडे बस्ते में डाल गया है।
                              नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिये अंडरपास बनाने की योजना करीब साढ़े चार साल पहले ही रेलवे प्रशासन ने तैयार कर ली थी। इस अंडरपास को फुट ओवरब्रिज को यात्री और मालवाहक वाहनों के आवागमन के विकल्प के रूप में देखा जा रहा था।               
                  अगर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन अंडरपास बन गया होता तो इससे सबसे ज्यादा फायदा बुजुर्ग व बीमार यात्रियों के साथ सामान लेकर ट्रेन पकड़ने प्लेटफार्म पर जाने वाले यात्रियों को होता। क्योंकि इससे यात्रियों को सीढि़यां चढ़ने-उतरने की परेशानी दूर हो जाती। साथ ही पार्सल ले जाने वाले यात्रियों को भी आसानी होती। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर लगभग हर दिन पांच लाख से अधिक यात्रियों का आवागमन होता है।
इस सन्दर्भ में जानकारों का कहना है कि स्टेशन पर अंडरपास बन जाने से सरकार को भी राजस्व का फायदा होता। इस अंडर पास के बनने से लोग बिना फुट ओवरब्रिज पर चढ़े प्लेटफार्म तक पहुंच जाते। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर अंडरपास बनने के विषय में रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पैसे की कमी के कारण योजना को अमली जामा पहनाने में देरी जरूर हो रही हैलेकिन इसे खत्म नहीं किया गया है। हमारी कोशिश हैं कि जल्द ही नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर अंडरपास का काम शुरू हो।

Saturday, June 7, 2014